Eveready का 'मेक इन इंडिया' पर जोर: जम्मू में भारत का पहला अल्कलाइन बैटरी प्लांट शुरू!
Eveready Industries India Ltd ने 22 अप्रैल 2026 को जम्मू में अपने नए अल्कलाइन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का औपचारिक उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक सुविधा, जिसमें लगभग ₹200 करोड़ का निवेश किया गया है, प्रति वर्ष 456 मिलियन यूनिट की स्थापित क्षमता जोड़ेगी। इसका लक्ष्य प्रति वर्ष 360 मिलियन बैटरियों का उत्पादन करना है। यह महत्वपूर्ण विस्तार 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देने और हाई-परफॉरमेंस बैटरियों के लिए घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार है।
रणनीतिक महत्व और आत्मनिर्भरता
जम्मू का नया प्लांट भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों, जिन्हें 'आत्मनिर्भर भारत' के रूप में जाना जाता है, के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। स्थानीय अल्कलाइन बैटरी उत्पादन को बढ़ाकर, Eveready का इरादा देश की आयात पर निर्भरता को कम करना है। यह आवश्यक बैटरी उत्पादों के लिए राष्ट्रीय सप्लाई चेन को मजबूत करेगा और लागत दक्षता में सुधार करने की उम्मीद है। बढ़ी हुई क्षमता Eveready को पावर-इंटेंसिव इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए बढ़ती उपभोक्ता और व्यावसायिक मांग को पूरा करने की स्थिति में लाती है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
यह ग्रीनफील्ड फैसिलिटी विनिर्माण (manufacturing) संचालन को बढ़ाने के लिए Eveready के रणनीतिक विस्तार का हिस्सा थी। कंपनी ने पहले ही इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया था, जिसकी शुरुआती उम्मीदें फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के अंत तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की थीं। इस विस्तार के लिए अनुमानित निवेश ₹180-200 करोड़ के बीच था।
स्थानीय प्रभाव और सस्टेनेबिलिटी
इस प्लांट से जम्मू क्षेत्र में 500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है, जो स्थानीय आर्थिक विकास में योगदान देगा। सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए, इस सुविधा में 1 MW की रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन और 275 KLD की रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शामिल है।
बेहतर मार्केट क्षमताएं
इस पर्याप्त नई क्षमता के साथ, Eveready अपने बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) सेगमेंट में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इसमें अन्य ब्रांडों के लिए अपने उत्पादों की व्हाइट लेबलिंग (white labelling) के अवसर भी शामिल हैं। विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होने से सप्लाई चेन की सुरक्षा भी बढ़ती है।
इंडस्ट्री परिदृश्य और जोखिम
Eveready एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बैटरी बाजार में काम करती है। मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में Exide Industries Ltd. और Amara Raja Energy & Mobility Ltd. शामिल हैं, जो लिथियम-आयन जैसी विकसित हो रही तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। Indo National Ltd. (Nippo) और Panasonic Energy India भी प्राइमरी बैटरी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धी हैं। पहले, Eveready को रेगुलेटरी जांच का सामना करना पड़ा था, जिसमें 2018 में जिंक-कार्बन ड्राई सेल बैटरियों की कीमत निर्धारण में कथित कार्टेलाइजेशन (cartelisation) के लिए कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा ₹171.55 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।
आगे क्या देखना है?
निवेशक और उद्योग पर्यवेक्षक प्लांट के पूरी क्षमता तक पहुंचने की गति पर नजर रखेंगे। प्रमुख संकेतकों में बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में Eveready की सफलता, राजस्व और लाभप्रदता में प्लांट का योगदान, और घरेलू उत्पादन से भारत के बैटरी आयात बिल में कितनी कमी आती है। कंपनी की निर्यात बाजारों में प्रवेश करने की रणनीति और उसकी व्हाइट लेबलिंग पहलों की सफलता की भी बारीकी से निगरानी की जाएगी।
