Euro Pratik Sales Limited ने नॉर्थ इंडिया की जानी-मानी डेकोरेटिव सर्फेस फर्म Chawla Brothers में 51% हिस्सेदारी खरीदने का एग्रीमेंट किया है। इस अधिग्रहण के लिए ₹33.2 करोड़ की रकम खर्च की जाएगी, जिसमें Chawla Brothers में ₹4.1 करोड़ का कैपिटल इंजेक्शन भी शामिल है। कंपनी इस डील को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने की उम्मीद कर रही है और इसके लिए अपने इंटरनल फंड का इस्तेमाल करेगी।
क्यों खास है यह डील?
Chawla Brothers, जिसकी स्थापना 1978 में हुई थी, नॉर्थ इंडिया में एक मजबूत पहचान रखती है। इसके पास पंजाब, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, और हिमाचल प्रदेश में 450 से ज्यादा डीलर्स का एक बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। Euro Pratik Sales के लिए यह अधिग्रहण नॉर्थ इंडिया जैसे कम पैठ वाले बाजार में अपनी पहुंच और मार्केट शेयर बढ़ाने का एक बड़ा मौका है। यह डील कंपनी के इंटीग्रेटेड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाने के लक्ष्य को मजबूत करती है।
Euro Pratik Sales, जो 2010 में बनी थी, डेकोरेटिव वॉल पैनल और लैमिनेट डिजाइन करने और डिस्ट्रीब्यूट करने पर फोकस करती है। यह कंपनी का एसेट-लाइट मॉडल है। हाल ही में, यानी नवंबर 2025 में, Euro Pratik ने ₹76.5 करोड़ में URO Veneer World की 51% हिस्सेदारी खरीदी थी। वहीं, सितंबर 2025 में कंपनी ने ₹451 करोड़ का IPO भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। Chawla Brothers से इस अधिग्रहण के बाद, यह कंपनी अपने बिजनेस को तेजी से एक्सपेंड कर रही है।
Chawla Brothers से इस डील के जरिए Euro Pratik Sales को नॉर्थ इंडिया में बेहतर मार्केट एक्सेस और एक मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन चैनल मिलेगा। Chawla Brothers के प्रोडक्ट्स को इंटीग्रेट करने से क्रॉस-सेलिंग के मौके पैदा हो सकते हैं और प्रॉफिट मार्जिन भी बढ़ सकता है।
डील से जुड़े जोखिम (Risks):
हालांकि, इस डील और कंपनी के बिजनेस से जुड़े कुछ जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। कंपनी के प्रमोटर्स को SEBI से एक चेतावनी मिली है। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स पर निर्भरता सप्लाई चेन में दिक्कतें पैदा कर सकती है। कंपनी ने रिलेटेड पार्टीज के साथ कई बड़े ट्रांजैक्शन किए हैं। ब्रांड लाइसेंसिंग भी एक कंसर्न है।
FY25 में Euro Pratik ने नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो दिखाया था और वर्किंग कैपिटल डेज 168 दिन थे। विदेशी खरीद पर करेंसी एक्सचेंज रेट में बदलाव का असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। SEBI ने पहले भी कंपनी से सितंबर 2025 तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही, कंपनी का बिजनेस रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन मार्केट से भी जुड़ा है।
मार्केट में मौजूदगी:
Euro Pratik Sales, Greenlam Industries, CenturyPly, Merino Industries, और Stylam जैसी स्थापित डेकोरेटिव सरफेस कंपनियों को टक्कर देती है। जहां उसके कंपटीटर्स के पास बड़ी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं, वहीं Euro Pratik का एसेट-लाइट मॉडल और डिजाइन इनोवेशन पर फोकस इसे अलग बनाता है। इस अधिग्रहण की रणनीति बड़े कंपटीटर्स के मुकाबले तेजी से डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने की है।
फाइनेंशियल आउटलुक:
Chawla Brothers से उम्मीद है कि वह FY27 में लगभग ₹80 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट करेगी।
आगे क्या देखें:
निवेशकों को यह देखना होगा कि Chawla Brothers के ऑपरेशंस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट किया जाता है, और क्या Chawla Brothers अपने FY27 के रेवेन्यू टारगेट को पूरा कर पाती है। साथ ही, अधिग्रहण की घोषणा के बाद Euro Pratik के स्टॉक परफॉरमेंस, आगे के अधिग्रहण या बाजार विस्तार योजनाओं, और प्रबंधन द्वारा पहचाने गए जोखिमों (खासकर रिलेटेड-पार्टी डील्स और कैश फ्लो से संबंधित) को संभालने की क्षमता पर भी नजर रहेगी।
