प्रोजेक्ट्स की बहार और गवर्नेंस पर सवाल
2 अप्रैल 2026 को Enviro Infra Engineers Ltd (EIEL) ने ऐलान किया कि उन्हें ₹1481 करोड़ के पांच बड़े प्रोजेक्ट्स मिले हैं। इस सौदे का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹1070 करोड़, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पर खर्च होगा, जिसमें 930 MWH की कैपेसिटी शामिल है। ये प्रोजेक्ट्स मार्च 2026 में हासिल हुए हैं और इनके जरिए कंपनी बिहार, असम और तेलंगाना जैसे राज्यों में अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी। नए सोलर पावर प्लांट्स के 79 MW प्रोजेक्ट्स भी इस सौदे का हिस्सा हैं।
यह कदम EIEL के लिए अहम है क्योंकि कंपनी अपने परंपरागत वॉटर और वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से आगे बढ़कर तेजी से विकसित हो रहे BESS सेक्टर में कदम रख रही है। भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज को इंटीग्रेट करने और ग्रिड स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए BESS मार्केट बहुत महत्वपूर्ण है। इन बड़े नए ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होने और रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ दिखने की उम्मीद है।
BESS सेगमेंट में EIEL का यह कदम हालिया गतिविधियों के अनुरूप है। मार्च 2026 में NTPC ने भी उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक और तेलंगाना में BESS प्रोजेक्ट्स के लिए ₹405.71 करोड़ और ₹664.33 करोड़ के बड़े सौदे किए थे।
ऑडिटर की चेतावनी: गवर्नेंस पर उठे सवाल
हालांकि, इन प्रोजेक्ट्स की खुशी के बीच एक बड़ी चिंता भी सामने आई है। कंपनी के ऑडिटर ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों के दौरान कंपनी के भीतर फ्रॉड का संकेत दिया है। हालांकि ऑडिटर के रिव्यू कंक्लूजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इस खुलासे से कंपनी की गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे मुद्दे निवेशकों का भरोसा कम कर सकते हैं और भविष्य के बिजनेस डेवलपमेंट को भी प्रभावित कर सकते हैं।
इस गवर्नेंस झटके के अलावा, बड़े BESS प्रोजेक्ट्स को लागू करने में एग्जीक्यूशन चैलेंजेज और सरकार के कॉन्ट्रैक्ट्स पर कंपनी की निर्भरता जैसे जोखिम भी बने हुए हैं। भारत का बैटरी स्टोरेज गैप लगभग 208 GWh अनुमानित है, जो इस मार्केट की ग्रोथ पोटेंशियल को दर्शाता है। इस सेक्टर में VA Tech Wabag, Ion Exchange, Sterling and Wilson Renewable Energy, Tata Power और Adani Energy Solutions जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं।
निवेशक EIEL के इन नए BESS और सोलर प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। साथ ही, ऑडिटर की चिंताओं पर कंपनी का जवाब, नए एनर्जी स्टोरेज सेगमेंट में इसकी प्रॉफिटेबिलिटी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भविष्य के किसी भी स्ट्रेटेजिक डेवलेपमेंट या ऑर्डर विन्स पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।