Enviro Infra Engineers Limited (EIEL) के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ऑर्डर बुक को ₹4,600 करोड़ के पार पहुंचा दिया है। यह बड़ी छलांग मार्च 2026 के बाद हासिल किए गए ₹2,240 करोड़ से अधिक के नए प्रोजेक्ट्स के कारण संभव हुई है।
इसके साथ ही, कंपनी ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के क्षेत्र में भी अपनी दस्तक दे दी है। EIEL को NTPC से ₹1,070 करोड़ के BESS प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जो इसके लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
यह नए ऑर्डर्स, कंपनी के मुख्य वॉटर और वेस्टवाटर बिज़नेस के साथ मिलकर, अगले लगभग दो सालों के लिए मज़बूत रेवेन्यू विजिबिलिटी (revenue visibility) सुनिश्चित करते हैं।
2009 में स्थापित Enviro Infra Engineers ऐतिहासिक रूप से सरकारी क्लाइंट्स के लिए वॉटर और वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती रही है। नवंबर 2024 में IPO के बाद कंपनी सोलर पावर एसेट्स विकसित करने और EIE Renewables Private Limited को एक्वायर करने जैसे रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) में भी डाइवर्सिफिकेशन कर रही है।
हालांकि, कंपनी ने कुछ चुनौतियों का भी सामना किया है। जुलाई 2025 में ₹11.15 करोड़ की साइबर फ्रॉड (cyber fraud) की घटना सामने आई थी, जिसकी रिकवरी के प्रयास जारी हैं। जून 2025 में ₹84.25 लाख का GST पेनल्टी (penalty) भी लगा था। इसके अलावा, ऑडिटर (auditor) ने दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के लिए संभावित फ्रॉड (fraud) का संकेत दिया था, जिससे गवर्नेंस (governance) पर सवाल उठे हैं।
मुख्य जोखिमों में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता, बजट आवंटन और पॉलिसी बदलाव शामिल हैं। नए BESS सेगमेंट में प्रोजेक्ट्स को एग्जीक्यूट (execute) करने में भी चुनौतियां आ सकती हैं। निवेशक ऑडिटर के फ्रॉड फ्लैग (fraud flag) के समाधान और कर्नाटक अर्बन वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड (KUWSDB) के साथ ₹6.24 करोड़ की मध्यस्थता (arbitration) की प्रगति पर भी नज़र रखेंगे।
भविष्य में, नए वॉटर, वेस्टवाटर और BESS प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में प्रगति, एनर्जी स्टोरेज सेगमेंट में कैपेसिटी एडिशन्स (capacity additions), और KUWSDB मध्यस्थता पर कंपनी का फोकस रहेगा।
