बिहार में BESS प्रोजेक्ट में EIEL की एंट्री
Enviro Infra Engineers Ltd (EIEL), अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी EIE Renewables Private Limited के ज़रिए, PRA Bihar Bess Private Limited में 49% इक्विटी स्टेक का अधिग्रहण पूरा कर चुकी है। यह डील ₹15.51 करोड़ में हुई है। यह एंटिटी बिहार में एक बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए समर्पित है। EIEL अगले 60 दिनों के भीतर, प्रोजेक्ट के कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) के बाद, बाकी 51% स्टेक का अधिग्रहण करने का इरादा रखती है। इस BESS प्रोजेक्ट की अनुमानित टोटल कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) लगभग ₹150 करोड़ है, और इसे 31 मई, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
स्ट्रेटेजिक सिग्निफिकेंस
यह अधिग्रहण EIEL के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, खासकर एनर्जी स्टोरेज में अपनी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ग्रिड की स्थिरता को बढ़ाने और सोलर व विंड पावर जैसे वेरिएबल रिन्यूएबल सोर्सेज को इंटीग्रेट करने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। इस मूव से EIEL के बिजनेस ऑपरेशन्स में डाइवर्सिफिकेशन आएगा और वाटर व वेस्टवाटर इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी पुरानी एक्सपर्टीज से आगे बढ़कर कंपनी के प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो में और मजबूती आएगी।
रिन्यूएबल एनर्जी में EIEL का बढ़ता दखल
Enviro Infra Engineers रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी प्रेज़ेंस बनाने के लिए काफी समय से एक्टिव है। अपनी सब्सिडियरी EIE Renewables के ज़रिए, कंपनी ने हाल ही में Vento Power Infra और Sunaxis Renewables जैसे अन्य रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स का भी अधिग्रहण किया है। BESS में यह नया वेंचर EIEL की डाइवर्सिफाई करने और भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन का फायदा उठाने की बड़ी रणनीति के अनुरूप है।
मुख्य प्रभाव
इस अधिग्रहण से EIE Renewables के बैटरी स्टोरेज पोर्टफोलियो को मजबूती मिलने और EIEL की रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में, खासकर बिहार के अंदर, ज्योग्राफिकल रीच का विस्तार होने की उम्मीद है। यह डाइवर्सिफिकेशन एक हाई-ग्रोथ सेगमेंट का परिचय देता है, जो EIEL को भारत की बढ़ती ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज की डिमांड का फायदा उठाने के लिए पोजीशन करता है और भविष्य में जैसे-जैसे और BESS प्रोजेक्ट्स आएंगे, विस्तार की संभावना भी बढ़ाएगा।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
EIEL, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स के कॉम्पिटिटिव मार्केट में एंट्री ले रही है। इंडिया के BESS सेक्टर में Tata Power Renewable Energy Ltd., Reliance New Energy Ltd., Exide Industries Ltd., और Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd. जैसे प्रमुख प्लेयर्स शामिल हैं, जो देश के रिन्यूएबल एनर्जी ऑब्जेक्टिव्स को सपोर्ट करने के लिए एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
मुख्य फाइनेंशियल परफॉरमेंस
फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, EIEL ने Q3 FY26 के लिए ₹42.12 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) रिपोर्ट किया। FY25 के लिए, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट लगभग ₹173 करोड़ था, जो पिछले साल के मुकाबले 52% की बढ़ोतरी दर्शाता है। मार्च 2025 तक टोटल एसेट्स बढ़कर ₹1,387 करोड़ हो गए, जो पिछले साल के मुकाबले 96.7% ज़्यादा हैं। मार्च 2026 तक, EIEL के पास ₹30,926 मिलियन का मजबूत ऑर्डर बुक था। FY25 के लिए डेट टू इक्विटी रेश्यो 0.23 था, जबकि वर्किंग कैपिटल डेज़ 30.4 से बढ़कर 89.2 दिन हो गए।
आगे की राह
निवेशक बिहार BESS प्रोजेक्ट के कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) की ओर EIEL की प्रगति पर नज़र रखेंगे। मुख्य फोकस कंपनी की टाइमलाइन और COD के बाद शेष 51% स्टेक को हासिल करने की क्षमता, प्रोजेक्ट के कुल कंप्लीशन और रिन्यूएबल एनर्जी व BESS सेक्टर्स में किसी भी आगे की विस्तार घोषणाओं पर रहेगा। BESS प्रोजेक्ट की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टैरिफ रियलाइजेशन पर परफॉरमेंस अपडेट्स भी महत्वपूर्ण होंगे।
