कोर्ट का बड़ा फैसला: ₹13.52 करोड़ की GST देनदारी रद्द
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने Endurance Technologies Limited के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के संबंध में जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड ऑर्डर को पलट दिया है। इस ऑर्डर में ₹12.39 करोड़ का टैक्स और ₹1.13 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी। कंपनी द्वारा दायर याचिका के बाद, हाई कोर्ट ने इस मामले को टैक्स अथॉरिटी को दोबारा जांच (reassessment) के लिए भेजा है। इसके साथ ही, कोर्ट ने Endurance Technologies को अपना पक्ष रखने के लिए पर्सनल हियरिंग का अवसर भी दिया है।
फैसले का महत्व
25 मार्च, 2026 को सुनाए गए हाई कोर्ट के फैसले और 29 मार्च, 2026 को ऑर्डर मिलने के बाद, कंपनी पर आई तत्काल ₹13.52 करोड़ की देनदारी फिलहाल टल गई है। रुड़की-1, उत्तराखंड के डेप्युटी कमिश्नर द्वारा जारी किया गया यह डिमांड ऑर्डर अब दोबारा जांच के दायरे में होगा। यह फैसला कंपनी के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इससे एक बड़ा वित्तीय बोझ कम हुआ है, जबकि नए सिरे से जांच होगी।
कंपनी का बैकग्राउंड और भविष्य की योजनाएं
Endurance Technologies भारत और यूरोप में एक्टिव ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह कंपनी भविष्य की मोबिलिटी सॉल्यूशंस पर भी फोकस कर रही है। इसके तहत, कंपनी लिथियम-आयन बैटरी पैक बनाने के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगा रही है, जिस पर लगभग ₹47.30 करोड़ का कैपिटल आउटले आएगा। मई 2025 में, कंपनी ने Maxwell Energy Systems Pvt Ltd का अधिग्रहण करके बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में अपनी क्षमताओं को और मजबूत किया था।
टैक्स संबंधी पिछली चुनौतियाँ
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी को टैक्स संबंधी मामलों का सामना करना पड़ा हो। 2014 में, इनकम टैक्स से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें एक मर्ज़ हुई कंपनी के खिलाफ जारी किए गए ऑर्डर्स की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। यह दिखाता है कि कंपनी को अतीत में भी वैधानिक अनुपालन (statutory compliance) से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
क्या हैं नए मुख्य बदलाव?
- वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए ₹12.39 करोड़ टैक्स और ₹1.13 करोड़ पेनाल्टी के तत्काल भुगतान की देनदारी रद्द हो गई है।
- अब टैक्स अथॉरिटीज द्वारा मामले की दोबारा जांच (reassessment) शुरू की जाएगी, जिसमें Endurance Technologies को अपने तर्क और सबूत पेश करने होंगे।
- कंपनी को टैक्स अधिकारियों के साथ एक औपचारिक पर्सनल हियरिंग का अवसर मिलेगा।
- टैक्स डिमांड के मूल कारणों, जैसे इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मिसमैच, की फिर से जांच होगी।
संभावित जोखिम
मूल जीएसटी ऑर्डर में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मिसमैच, ग्राहकों द्वारा ITC का रिवर्सल और ITC की पात्रता जैसी विसंगतियों का उल्लेख था। यह संभव है कि ये मुद्दे दोबारा जांच के दौरान फिर से सामने आएं, जिसके लिए कंपनी को मजबूत बचाव पेश करना होगा।
इंडस्ट्री का संदर्भ
Endurance Technologies ऑटो एंसिलरी सेक्टर में Samvardhana Motherson International, UNO Minda, Bosch Ltd., और Sona BLW Precision Forgings जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये सभी कंपनियां ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को सप्लाई करती हैं और ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ते विद्युतीकरण (electrification) जैसे बदलावों के साथ तालमेल बिठा रही हैं।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
- वित्त वर्ष 2022 (FY22) में, Endurance Technologies ने ₹75,902 मिलियन का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹4,607 मिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
- मार्च 2026 तक पिछले बारह महीनों (TTM) के आधार पर, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग ₹13,473 करोड़ था, जिसमें नेट इनकम ₹920 करोड़ थी।