शेयर क्यों जा रहे हैं IEPF?
Emami Paper Mills Limited, अपनी रेगुलेटरी जिम्मेदारियों को निभाते हुए, उन शेयरों को इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) अथॉरिटी को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जिनके डिविडेंड पर लगातार सात सालों से कोई दावा नहीं किया गया है।
शेयरधारकों को कब तक करना है दावा?
कंपनी ने 13 मई 2026 को प्रभावित शेयरधारकों को सूचित करने के लिए नोटिफिकेशन लेटर भेजे थे। अब, इन शेयरधारकों के पास 10 सितंबर 2026 तक अपने अनक्लेम्ड डिविडेंड का दावा करके अपनी शेयरहोल्डिंग को सुरक्षित रखने का आखिरी मौका है। यदि इस डेडलाइन तक क्लेम नहीं किया जाता है, तो संबंधित शेयर और उनसे जुड़े सभी लाभ IEPF अथॉरिटी के पास चले जाएंगे।
IEPF का क्या है रोल?
भारत सरकार द्वारा स्थापित IEPF का उद्देश्य ऐसे अनक्लेम्ड फंड्स की सुरक्षा करना है। डेडलाइन के बाद, शेयरधारक ट्रांसफर किए गए फंड्स और शेयरों को IEPF अथॉरिटी से वापस क्लेम कर सकते हैं। हालांकि, 10 सितंबर 2026 की डेडलाइन से पहले कार्रवाई न करने वाले शेयरधारकों के लिए अपनी शेयरहोल्डिंग और उससे जुड़े लाभ खोने का जोखिम सबसे बड़ा है।
इंडस्ट्री में भी हैं ऐसे नियम
यह एक कंपनी-विशिष्ट रेगुलेटरी कार्रवाई है, पर SEBI और IEPF के ऐसे ही नियम JK Paper Ltd. और West Coast Paper Mills Ltd. जैसी पेपर इंडस्ट्री की अन्य कंपनियों पर भी लागू होते हैं।
