एल्प्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (Elpro International Ltd) के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 8 मई 2026 को हुई अपनी बैठक में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से स्वेच्छा से Delist होने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
कंपनी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ₹181.80 प्रति इक्विटी शेयर का भाव तय कर रही है। यह प्रस्तावित मूल्य ₹158.07 के फ्लोर प्राइस (floor price) से 15% अधिक है। इस कदम का मकसद पब्लिक शेयरहोल्डर्स की 25% हिस्सेदारी को खरीदना है, जो कुल 4,23,70,160 शेयरों के बराबर है। फिलहाल, एक्वायरर्स (Acquirers) और उनसे संबंधित पार्टियों की कंपनी में 75% हिस्सेदारी है।
Delisting का मतलब है कि एल्प्रो इंटरनेशनल के शेयर अब BSE पर ट्रेड नहीं करेंगे। इससे कंपनी पर पब्लिक मार्केट का दबाव कम होगा और उसे अधिक स्ट्रेटेजिक फ्लेक्सिबिलिटी (strategic flexibility) मिलेगी। साथ ही, रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) का बोझ भी घटेगा। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए यह अपने शेयरों को प्रीमियम पर बेचने का एक साफ मौका है। एल्प्रो इंटरनेशनल मुख्य रूप से केबल और तार (cables and wires) बनाने का काम करती है।
इस Delisting प्लान को दो बड़ी बाधाओं को पार करना होगा। पहला, इसे शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी, जो स्पेशल रेजोल्यूशन (special resolution) के जरिए पोस्टल बैलेट (postal ballot) और रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) से पास होगा। दूसरा, कंपनी को BSE और अन्य संबंधित रेगुलेटरी अथॉरिटीज से इन-प्रिंसिपल (in-principle) और फाइनल अप्रूवल (final approval) हासिल करने होंगे।
Delisting के लिए ऑफर प्राइस (offer price) ₹181.80 प्रति शेयर रखा गया है, जो 4 मई 2026 तक के फ्लोर प्राइस ₹158.07 से 15% का प्रीमियम है। कंपनी का लक्ष्य मई 2026 तक Delisting प्रक्रिया पूरी करना है। निवेशकों को शेयरधारकों की वोटिंग प्रक्रिया के नतीजे और समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए। BSE और रेगुलेटर्स से मिलने वाले अप्रूवल लेटर्स मुख्य अपडेट होंगे। कंपनी Delisting की प्रगति, ऑफर पीरियड (offer period) और एक्सेप्टेंस प्रोसीजर (acceptance procedure) जैसे विवरण पर आगे और जानकारी देगी।
