SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की चल रही जांच और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के बीच, Elitecon International Ltd में बड़े मैनेजमेंट फेरबदल की खबर है। कंपनी के बोर्ड ने श्री कुमार अनुभव उपाध्याय को एग्जीक्यूटिव एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जो 29 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। इसी के साथ, मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) श्री विपिन शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
श्री उपाध्याय का अनुभव और कंपनी की रणनीति
श्री उपाध्याय के पास आईटी (IT) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) सेक्टर में 25 साल से अधिक का अनुभव है। उनकी नियुक्ति कंपनी के लिए एक नई दिशा या विस्तार का संकेत दे सकती है।
SEBI की कार्रवाई और आरोप
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब Elitecon International Ltd SEBI की कड़ी जांच के दायरे में है। मार्च 2026 में, SEBI ने कंपनी, उसके प्रमोटर्स (जिनमें पूर्व MD विपिन शर्मा भी शामिल हैं) और कुछ अन्य पक्षों के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था। SEBI ने शेयर की कीमतों में हेरफेर, भ्रामक खुलासे, गवर्नेंस में खामियों और संदिग्ध ट्रेडिंग का आरोप लगाया था। इसके चलते प्रमोटर्स को सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया और ₹51.26 करोड़ के अवैध मुनाफे (Unlawful Gains) को जब्त कर लिया गया।
खुलासे में देरी और बड़े इस्तीफे
कंपनी पर अहम घटनाओं, जैसे कि ₹408.65 करोड़ के बड़े जीएसटी (GST) एक्सपोजर का समय पर खुलासा न करने का भी आरोप है। नेतृत्व में अस्थिरता के बीच, अप्रैल 2026 में कंपनी के CFO, कंपनी सेक्रेटरी और दो नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स सहित कई प्रमुख अधिकारी इस्तीफा दे चुके हैं।
विस्तार योजनाएं और आगे की राह
इन सब मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अपने एफएमसीजी (FMCG) बिजनेस के लिए आक्रामक विस्तार योजनाओं का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य FY30 तक पर्याप्त रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करना है और इसके लिए बड़ा निवेश किया जाएगा। साथ ही, कंपनी को ₹2.02 बिलियन (लगभग ₹202 करोड़) का टोबैको प्रोडक्ट्स (Tobacco Products) के लिए एक लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है।
मुख्य जोखिम और भविष्य की राह
कंपनी को अब श्री उपाध्याय के नेतृत्व में नई टीम बनानी है और SEBI की कार्रवाई तथा हालिया इस्तीफों के असर से निपटना होगा। SEBI की जारी जांच और संभावित नियामक कार्रवाई कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। MD के इस्तीफे और अन्य प्रमुख अधिकारियों के जाने के बाद नेतृत्व में निरंतरता एक चिंता का विषय है। कंपनी को पारदर्शिता और स्पष्ट योजना के माध्यम से निवेशकों का विश्वास फिर से जीतना होगा।
