कंप्लायंस (Compliance) पर कंपनी का जोर
किसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए SEBI के नियमों का पालन करना बेहद ज़रूरी होता है, और Electrotherm (India) Ltd ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी एनुअल सीक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट फाइल की है, जिसमें बताया गया है कि वे SEBI के प्रावधानों का पालन कर रहे हैं।
क्या थे जुर्माने और क्यों?
रिपोर्ट के अनुसार, Electrotherm को पहले BSE और NSE से कुछ जुर्माने लगे थे। ये जुर्माने कंपनी द्वारा न्यूनतम बोर्ड डायरेक्टर की ज़रूरतों को पूरा न कर पाने की वजह से लगाए गए थे। कुल मिलाकर, कंपनी पर ₹5,84,100 का जुर्माना था, जिसमें BSE का ₹5,31,000 और NSE का ₹53,100 हिस्सा था।
नए चेहरों से कसा गवर्नेंस
इन समस्याओं को दूर करने और अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए, कंपनी ने दो महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की हैं। 11 फरवरी 2025 को श्री अमित कुमार पटवारीका को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया, और 10 अप्रैल 2025 को श्री तुषार जानी को होल-टाइम डायरेक्टर (Whole Time Director) बनाया गया। इन नियुक्तियों से कंपनी SEBI की लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) के तहत बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन कर रही है।
पुराने विवादों का भी ज़िक्र
कंपनी की बैकग्राउंड पर नज़र डालें तो, यह पहली बार नहीं है जब Electrotherm रेगुलेटरी एक्शन के दायरे में आई है। पहले भी SEBI ने अगस्त 2020 में अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के उल्लंघन के मामले में ₹15 लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही, जून 2025 में एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने एक जांच के सिलसिले में कंपनी के बैंक खातों को फ्रीज़ भी कर दिया था।
