Q4 में हुआ दमदार प्रदर्शन, रेवेन्यू 90% चढ़ा
Eco Recycling Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की नेट सेल्स में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 90% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹18.61 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, नेट प्रॉफिट में 225% का तगड़ा उछाल आया और यह ₹7.14 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA भी 79% बढ़कर ₹11.98 करोड़ रहा, जिससे PAT मार्जिन 40.43% तक पहुंच गया, जो पिछले साल की चौथी तिमाही के 23.16% से काफी बेहतर है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर में मिला-जुला असर
हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों को देखें तो कहानी थोड़ी अलग है। इस दौरान नेट सेल्स में 10% का इजाफा हुआ और यह ₹48.18 करोड़ रही, लेकिन नेट प्रॉफिट में 2% की मामूली गिरावट आई और यह ₹22.88 करोड़ पर आ गया। पूरे साल का PAT मार्जिन भी घटकर 43.33% रह गया, जो FY25 में 50.48% था। इससे संकेत मिलता है कि तिमाही प्रदर्शन भले ही मजबूत रहा हो, लेकिन लंबी अवधि में लाभप्रदता पर कुछ दबाव रहा है।
क्यों आई Q4 में इतनी तेजी?
Q4 के इन शानदार नतीजों के पीछे ई-वेस्ट और बैटरी रीसाइक्लिंग सेग्मेंट में मजबूत मांग और कंपनी के कुशल संचालन को माना जा रहा है। यह ग्रोथ भारत में ई-वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बढ़ती कोशिशों के अनुरूप है, जिसमें एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (EPR) जैसे नियमों का भी अहम योगदान है।
क्षमता विस्तार और भविष्य की योजनाएं
Eco Recycling, जो 2007 से ई-वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में काम कर रही है, अपनी रीसाइक्लिंग क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है। हाल ही में कंपनी ने 18,000 MTPA की ई-वेस्ट फैसिलिटी और 6,000 MTPA की लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग यूनिट चालू की है। खास बात यह है कि इन विस्तारों के लिए सारा खर्च कंपनी ने अपनी इंटरनल कमाई से उठाया है, जिससे कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। कंपनी आईटी एसेट डिस्पोजल (ITAD) और डेटा डिस्ट्रक्शन जैसी नई सर्विस लाइनों में भी विस्तार कर रही है, ताकि ई-वेस्ट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके।
कौन हैं कंपटीटर्स?
Eco Recycling का मुकाबला रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों से है, जिनमें Attero Recycling और Gravita India प्रमुख हैं। इसके अलावा, Exide Industries और Tata Chemicals जैसी कंपनियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
