ई-वेस्ट बिजनेस को बूस्ट देने की तैयारी
Eco Recycling Limited अपने ई-वेस्ट मैनेजमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी (critical minerals recovery) के कामों को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ₹411 प्रति वारंट की दर से 300,000 वारंट्स अपने प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) के तहत जारी करेगी।
निवेश कहां होगा?
इस फंड इनफ्यूजन (fund infusion) का इस्तेमाल कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ₹5 करोड़ जमीन और बिल्डिंग के अधिग्रहण (acquisition) के लिए रखे जाएंगे, जबकि ₹5 करोड़ टेक्नोलॉजी और मशीनरी के अपग्रेडेशन (upgradation) पर खर्च होंगे। बचा हुआ पैसा वर्किंग कैपिटल (working capital) के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
शेयरहोल्डर्स का फैसला अहम
इस प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स (shareholders) की मंजूरी ली जाएगी। 07 मई से 09 मई, 2026 तक पोस्टल बैलेट (postal ballot) या ई-वोटिंग (e-voting) के जरिए शेयरहोल्डर अपना मत दे सकेंगे। इन वारंट्स की टेन्योर (tenure) 18 महीने की होगी।
निवेशक क्या देखें?
बाजार की नजरें अब शेयरहोल्डर्स की वोटिंग के नतीजों पर टिकी हैं। फंड के अलॉटमेंट (allotment) और उसके प्रभावी इस्तेमाल से कंपनी के ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग (e-waste recycling) और मिनरल रिकवरी ऑपरेशंस (mineral recovery operations) पर पड़ने वाले असर पर निवेशक बारीकी से नजर रखेंगे।
