कोर्ट का फैसला: टैक्स नोटिस पर अब CBIC लेगा निर्णय
दिल्ली हाईकोर्ट ने EPACK Durable Ltd से जुड़े एक टैक्स शो कॉज नोटिस (SCN) के मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस नोटिस को आगे की कार्यवाही और निर्णय लेने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) को वापस भेज दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह कोर्ट का सीधा आदेश टैक्स डिमांड पर कोई फैसला नहीं है और इससे तत्काल कोई बड़ा फाइनेंशियल इम्पैक्ट होने की उम्मीद नहीं है।
प्रोसीजरल कदम, टैक्स डिमांड पर नहीं फैसला
यह एक प्रोसीजरल कदम है, जिसका मतलब है कि कोर्ट ने टैक्स डिमांड की मेरिट या वैलिडिटी पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अब टैक्स अथॉरिटीज को इस नोटिस पर अपना निर्णय देना होगा। EPACK Durable फिलहाल इस मामले में आगे की कानूनी रणनीति पर विचार कर रही है।
कंपनी पहले भी झेल चुकी है टैक्स नोटिस
EPACK Durable पहले भी टैक्स से जुड़े मामलों का सामना कर चुकी है। सितंबर 2025 में GST अथॉरिटीज ने कंपनी पर ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड्स में हेराफेरी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) गलत तरीके से लेने के आरोप लगाए थे, जिससे करीब ₹5 करोड़ के टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। उस समय कंपनी ने कथित तौर पर गलती मानी थी और कुछ रकम जमा भी कराई थी। वहीं, हाल ही में मार्च 2026 में, कंपनी को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए ₹29.03 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला था, जिसे कंपनी ने अमान्य बताते हुए अपील करने की बात कही थी।
आगे क्या होगा और क्या है जोखिम?
अब यह शो कॉज नोटिस CBIC में एडजुडिकेशन प्रक्रिया से गुजरेगा। शेयरहोल्डर्स को कंपनी की ओर से आगे की कानूनी लड़ाई, जैसे सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर करने, के बारे में कंपनी के कम्युनिकेशन पर नजर रखनी चाहिए। CBIC के फैसले का नतीजा कंपनी के लिए बड़ा रिस्क पैदा कर सकता है, अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है। इस तरह की लगातार टैक्स जांच से कंपनी के ऑपरेशनल फोकस और कंप्लायंस कॉस्ट पर भी असर पड़ सकता है।
कॉम्पिटिटर्स से तुलना
EPACK Durable कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, खासकर रूम एयर कंडीशनर के लिए OEM/ODM मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में एक अहम खिलाड़ी है। इसके कुछ कॉम्पिटिटर्स जैसे Dixon Technologies (India) Ltd भी इसी तरह के OEM/ODM मॉडल पर काम करते हैं। वहीं, Havells India Ltd और V-Guard Industries Ltd जैसी कंपनियां मार्केट में अपने ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस रखती हैं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों के लिए कंपनी के कानूनी विकल्पों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, CBIC की एडजुडिकेशन प्रक्रिया की टाइमलाइन और उसके नतीजे पर भी ध्यान देना जरूरी है।
