IPO फंड्स का पूरा हिसाब
EPACK Durable Limited ने अपने ₹379.44 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) फंड्स के पूरे उपयोग की पुष्टि की है। कंपनी ने बताया कि मार्च 2026 तक इन पैसों का पूरा खर्च हो चुका है। ICRA की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, फंड्स के उपयोग में मूल लक्ष्यों से कोई बड़ा विचलन (deviation) नहीं है, हालांकि उनके खर्च करने के तरीके में कुछ स्वीकृत बदलाव किए गए थे।
फंड्स का री-एलोकेशन
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद इन फंड्स को री-एलोकेट किया था। कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) योजनाओं में बदलाव करते हुए, फंड्स को भिवंडी (Bhiwadi) और श्री सिटी (Sri City) स्थित मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में सेटअप और उपकरण खरीद के लिए भेजा गया। इसके अलावा, ₹105.94 करोड़ रॉ मटेरियल के लिए एक रिलेटेड पार्टी वेंडर को दिए गए। जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (GCP) के लिए ₹69.44 करोड़ का इस्तेमाल हुआ, जिसमें वर्किंग कैपिटल और ऑपरेशनल खर्च शामिल हैं।
निवेशक क्या देखें?
यह अपडेट EPACK Durable की IPO के बाद की रणनीति को दर्शाता है। मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने पर फोकस करने से कंपनी के ग्रोथ ऑब्जेक्टिव्स में प्रगति का संकेत मिलता है, जबकि GCP फंड्स कंपनी की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
IPO से जुटाई थी राशि
EPACK Durable ने जनवरी 2024 में अपने IPO के जरिए ₹379.44 करोड़ जुटाए थे। शुरुआती योजना में मैन्युफैक्चरिंग, कर्ज चुकाना और जनरल कॉर्पोरेट उपयोग के लिए कैपेक्स शामिल था। जुलाई 2025 में शेयरधारकों की मंजूरी ने खर्च योजनाओं को बदलने में लचीलापन दिया।
वेंडर पेमेंट पर अपडेट
₹105.94 करोड़ का भुगतान एक रिलेटेड पार्टी वेंडर को किया गया। ICRA ने बताया कि वेंडर के स्पेसिफिकेशन्स प्रॉस्पेक्टस में बताई गई जानकारी से थोड़े अलग थे। हालांकि, ICRA ने यह भी स्पष्ट किया कि ये अंतर मैनेजमेंट के अनुमानों पर आधारित हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। प्रॉस्पेक्टस में पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अनुमानित खर्चों का मूल्यांकन किसी वित्तीय संस्थान द्वारा नहीं किया गया था और बाजार के कारकों के कारण इनमें बदलाव आ सकता है।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
भारत के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Dixon Technologies और Amber Enterprises India जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने और मांग को पूरा करने के लिए बड़ा कैपिटल इन्वेस्टमेंट करती हैं।
खास आंकड़े
- ICRA द्वारा निगरानी की गई कुल IPO प्रोसीड्स: ₹379.436 करोड़ (FY24–FY26)।
- रिलेटेड पार्टी वेंडर को भुगतान: ₹105.94 करोड़।
- जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (GCP) के लिए इस्तेमाल फंड: ₹69.436 करोड़।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशक ICRA की फंड के उपयोग पर लगातार निगरानी रखेंगे। कंपनी द्वारा अपनी संशोधित कैपेक्स योजनाओं का निष्पादन और रिलेटेड पार्टी वेंडर ट्रांजैक्शन पर भविष्य के खुलासे महत्वपूर्ण होंगे। फंड पूरी तरह इस्तेमाल होने के बाद मैनेजमेंट की कमेंट्री और ग्रोथ की संभावनाओं पर भी नजर रहेगी।