शेयरधारकों का फैसला: टी. कृष्णकुमार को मिली हरी झंडी
EID Parry India Ltd के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) और ई-वोटिंग (e-voting) के ज़रिए श्री T Krishnakumar को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर भारी बहुमत से मंज़ूरी दे दी है। यह वोटिंग 21 मार्च से 19 अप्रैल 2026 के बीच हुई थी।
नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
कुल 118,725,231 वोट डाले गए, जिनमें से 118,517,310 वोट (यानी 99.82% वैलिड वोट) श्री Krishnakumar के री-इलेक्शन के पक्ष में पड़े। वहीं, सिर्फ 207,921 वोट (0.18%) ही उनके खिलाफ गए। अच्छी बात यह है कि एक भी वोट अमान्य (Invalid) नहीं पाया गया।
शेयरधारक भरोसे का महत्व
यह लगभग एकतरफा फैसला दर्शाता है कि शेयरधारक श्री Krishnakumar के नेतृत्व और कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) स्टैंडर्ड्स पर कितना विश्वास करते हैं। EID Parry के लिए, यह बोर्ड स्तर पर लीडरशिप में निरंतरता (Continuity) सुनिश्चित करेगा, जिससे कंपनी की स्ट्रेटेजी (Strategy) और ओवरसाइट (Oversight) को फायदा होगा।
कृष्णकुमार का अनुभव और कंपनी की पृष्ठभूमि
EID Parry (India) Limited, जो कि Murugappa Group का एक अहम हिस्सा है, शुगर (Sugar) और न्यूट्रास्यूटिकल्स (Nutraceuticals) जैसे सेक्टर्स में गहरी जड़ें रखने वाली एक पुरानी भारतीय कंपनी है। श्री T Krishnakumar, जो मई 2021 से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं, के पास कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी (Corporate Strategy), जनरल मैनेजमेंट (General Management) और ऑपरेशन्स (Operations) में चार दशक से भी ज़्यादा का अनुभव है।
नए कार्यकाल की शुरुआत
श्री Krishnakumar अपने दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए 6 मई 2026 से पदभार संभालेंगे, जो 5 मई 2031 तक चलेगा। इससे बोर्ड में अनुभवी नेतृत्व की निरंतरता बनी रहेगी और शेयरधारकों का भरोसा और मज़बूत होगा।
प्रतिस्पर्धी बाज़ार में EID Parry
EID Parry, भारतीय शुगर सेक्टर में Balrampur Chini Mills, Triveni Engineering & Industries, और Shree Renuka Sugars जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हालांकि, EID Parry अपने बड़े मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalisation) और हाई ग्रोथ पोटेंशियल (High Growth Potential) के लिए जानी जाती है।
