SEBI की समीक्षा और मजबूत निवेशक संबंध
SEBI द्वारा डिस्क्लोजर (Disclosure) प्रैक्टिस पर चल रही समीक्षा के बीच, Digital Fibre Infrastructure Trust का जीरो कंप्लेंट रिकॉर्ड निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है। यह दर्शाता है कि कंपनी और उसके यूनिटहोल्डर्स के बीच रिश्ते मजबूत हैं और ऑपरेशनल पारदर्शिता बनी हुई है। Trust के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट, KFin Technologies Limited ने इस बात की पुष्टि की है।
Reliance का सपोर्ट और InvIT मॉडल
Reliance Industrial Investments and Holdings Ltd. द्वारा स्पॉन्सर किया गया Digital Fibre Infrastructure Trust, अपनी सब्सिडियरी Jio Digital Fibre Private Limited के माध्यम से भारत में विशाल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का प्रबंधन करता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) ऐसे स्ट्रक्चर होते हैं जो स्थापित इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स का स्वामित्व और संचालन करते हैं, जिससे निवेशकों को नियमित आय (Yield) प्राप्त होती है।
SEBI का डिस्क्लोजर पर खास ध्यान
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अप्रैल 2026 में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने Trust को सरप्लस कैश डिस्ट्रीब्यूशन से संबंधित डिस्क्लोजर्स को लेकर एक एडवाइजरी जारी की थी। Trust का कहना है कि इस एडवाइजरी का कंपनी के ऑपरेशन या वित्तीय स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हाल ही में, Trust ने ₹2.38 प्रति यूनिट के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 25 मार्च 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की थी।
आगे क्या?
जहाँ Trust का जीरो कंप्लेंट रिकॉर्ड निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है, वहीं SEBI की डिस्क्लोजर नियमों पर पैनी नजर यह सुनिश्चित करती है कि पारदर्शिता बनी रहे। निवेशकों को Trust के SEBI की आवश्यकताओं के अनुपालन और भविष्य के डिस्क्लोजर पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।
