₹43.94 करोड़ का नया ऑर्डर: कंपनी की कमाई का जरिया
Diamond Power Infrastructure Limited ने शेयर बाज़ार को सूचित किया है कि उन्हें UGVCL से ₹43.94 करोड़ (GST सहित ₹4393.97 लाख) के मूल्य का लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी 453 किलोमीटर लंबी केबल की सप्लाई करेगी। इस डील की सबसे खास बात यह है कि इसे LOI स्वीकार होने के सात महीने के भीतर पूरा करना होगा, जबकि काम LOI स्वीकार होने के 45 दिन बाद शुरू होगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि UGVCL में प्रमोटर ग्रुप का कोई हित नहीं है, इसलिए यह कोई संबंधित पक्ष का सौदा नहीं है।
यह ऑर्डर क्यों है महत्वपूर्ण?
इस नए कॉन्ट्रैक्ट से Diamond Power Infrastructure की ऑर्डर बुक में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है और आने वाले समय के लिए कंपनी की कमाई को लेकर अच्छी विजिबिलिटी (visibility) मिली है। सरकारी यूटिलिटीज जैसे UGVCL से ऑर्डर हासिल करना कंपनी के लिए पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने और विकास को गति देने के लिए बेहद अहम है।
कंपनी की लगातार बढ़त और वित्तीय प्रदर्शन
पावर ट्रांसमिशन इक्विपमेंट बनाने वाली यह कंपनी हाल के दिनों में कई बड़े ऑर्डर हासिल कर चुकी है। इनमें Adani Green Energy से ₹747.64 करोड़ का ट्रांसमिशन केबल सप्लाई का LOI और Tata Power Renewable Energy से ₹31.51 करोड़ का कंडक्टर ऑर्डर शामिल है।
वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू 225% की जबरदस्त उछाल के साथ ₹1,115.4 करोड़ तक पहुँच गया। वहीं, ₹34.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की तुलना में 103% बढ़ा, जबकि EBITDA ₹67.3 करोड़ रहा। फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की तीसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 693% की भारी वृद्धि के साथ ₹49.72 करोड़ पर पहुँच गया। Diamond Power Infrastructure के ऑपरेशंस में केबल और कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ T&D समाधान प्रदान करना भी शामिल है।
जोखिम और अनुपालन से जुड़ी चिंताएं
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Diamond Power Infrastructure पहले भी रेगुलेटरी (regulatory) जांच के दायरे में रही है। कंपनी को 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का पालन न करने पर BSE और NSE को ₹10.85 लाख का जुर्माना भरना पड़ा था। NSE ने FY25 के लिए अपने एनुअल सेक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट (Annual Secretarial Compliance Report) में पाई गई खामियों को लेकर एक चेतावनी भरा ईमेल भी भेजा था। हालांकि इन पिछली समस्याओं का समाधान कर लिया गया है, लेकिन भविष्य में भी अनुपालन (compliance) में किसी भी तरह की चूक से जोखिम पैदा हो सकता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
पावर केबल और T&D सेगमेंट में Diamond Power Infrastructure का मुकाबला KEI Industries Ltd, Polycab India Ltd, Finolex Cables Ltd, और Sterlite Technologies Ltd जैसी बड़ी और स्थापित कंपनियों से है। जबकि DPIL सक्रिय रूप से नए अनुबंध जीत रही है, KEI और Polycab जैसी कुछ कंपनियाँ अक्सर मजबूत वित्तीय मेट्रिक्स और उच्च मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) दिखाती हैं। Rex Pipes and Cables Industries Ltd. ने भी कुछ वित्तीय मापदंडों पर DPIL को पीछे छोड़ दिया है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक अब UGVCL द्वारा ऑर्डर की आधिकारिक पुष्टि और काम शुरू होने का इंतजार करेंगे। मुख्य बातें जिन पर नज़र रखी जानी चाहिए, उनमें सात महीने की समय-सीमा में ऑर्डर पूरा करने में कंपनी की कुशलता, अपने ग्राहक आधार में विविधता लाने के लिए और अधिक ऑर्डर हासिल करने में इसकी सफलता, और इसके पिछले मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) अनुपालन मुद्दों और समग्र गवर्नेंस (governance) से संबंधित किसी भी नए घटनाक्रम पर नजर रखना शामिल होगा।
