क्यों बंद हुई 'ट्रेडिंग विंडो'?
कंपनी ने यह अहम कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के सख्त नियमों का पालन करते हुए उठाया है। इस नियम के तहत, कंपनी के अंदरूनी लोग, जैसे कि डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और उनके करीबी परिवार के सदस्य, जो कंपनी की किसी भी गोपनीय और मूल्य-संवेदनशील जानकारी (price-sensitive information) के बारे में जानते हैं, वे 'क्लोज्ड पीरियड' यानी इस बंद अवधि के दौरान कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं सकते।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी होने से पहले किसी भी तरह की इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोका जा सके और बाजार में सभी के लिए एक समान अवसर बना रहे। कंपनी जल्द ही अपने बोर्ड मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंतिम नतीजों को मंजूरी देने की तैयारी में है।
पिछली तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
हालांकि, इन सब के बीच, हालिया नतीजों पर नजर डालें तो Dhanalaxmi Roto Spinners के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में मुनाफा घटा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.63 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 34.54% कम है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी ₹56.59 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछले साल की तुलना में 18.53% की गिरावट दर्शाता है। इस साल मार्च 2026 में कंपनी के शेयर ने अपना 52-हफ्ते का निचला स्तर भी छुआ था।
Dhanalaxmi Roto Spinners, जिसकी स्थापना 1987 में हुई थी और जिसे Inani परिवार द्वारा प्रमोट किया जाता है, मुख्य रूप से कॉटन यार्न का निर्माण करती है। साथ ही, कंपनी वुड पल्प और पेपर के व्यापार में भी सक्रिय है। यह कंपनी 1995 से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड है।
निवेशक अब कंपनी द्वारा जल्द घोषित की जाने वाली बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जहाँ FY26 के फाइनल ऑडिटेड रिजल्ट्स को अंतिम रूप दिया जाएगा। नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद ही ट्रेडिंग विंडो को फिर से खोला जाएगा।
