शेयरधारकों की मंजूरी पर टिकी निगाहें
Dhampur Bio Organics ने अपने शेयरधारकों को 18 मई, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के लिए आमंत्रित किया है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा कंपनी की मीरगंज स्थित यूनिट के बिजनेस को ₹305 करोड़ के स्लम्प सेल (slump sale) के जरिए बेचने का प्रस्ताव है। शेयरधारकों की हरी झंडी के बिना यह डील पूरी नहीं हो पाएगी।
स्ट्रैटेजिक बिक्री और वित्तीय मजबूती का प्लान
कंपनी की यह बिक्री एक स्ट्रैटेजिक मूव बताई जा रही है, जिसका मकसद पूंजी जुटाना है। इस ₹305 करोड़ की डील से कंपनी अपने कर्ज को कम कर सकती है और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बना सकती है। उम्मीद है कि इस रकम का इस्तेमाल भविष्य के ग्रोथ प्रोजेक्ट्स में किया जाएगा या फिर कंपनी की ओवरऑल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को बढ़ाया जाएगा। इस बिक्री से कंपनी अपने ऑपरेशंस को और सुव्यवस्थित कर सकेगी।
बोर्ड में बड़े फेरबदल की तैयारी
बिक्री के इस प्रस्ताव के साथ ही, कंपनी के बोर्ड में भी बदलाव किए जाएंगे। संदीप कुमार को 5 मई, 2026 से होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-time Director) के पद से हटाकर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) बनाया जाएगा। वहीं, नलिन कुमार गुप्ता को एडिशनल और होल-टाइम डायरेक्टर के साथ-साथ चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है। नलिन कुमार गुप्ता अपनी फाइनेंस और ट्रेजरी मैनेजमेंट की विशेषज्ञता से कंपनी को फायदा पहुंचाएंगे। उनके लिए फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 के लिए ₹1.11 करोड़ का फिक्स्ड रेमुनरेशन पैकेज तय किया गया है, जिसमें सैलरी और हाउस रेंट अलाउंस शामिल है।
कंपनी का बिजनेस और हालिया चुनौतियाँ
Dhampur Bio Organics, जो 2022 में Dhampur Sugar Mills से डीमर्ज हुई थी, शुगर, बायोफ्यूल्स, स्पिरिट्स और पावर सेगमेंट्स में काम करती है। हालांकि, हाल के दिनों में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। गन्ने की फसल में रेड रॉट (red rot) इन्फेस्टेशन की वजह से पैदावार (yield) और रिकवरी रेट प्रभावित हुए हैं। इसके चलते, CARE Ratings ने जनवरी 2026 में कंपनी की क्रेडिट फैसिलिटीज को डाउनग्रेड कर दिया था। इतना ही नहीं, अक्टूबर 2025 में कंपनी की मीरगंज फैक्ट्री पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड भी पड़ी थी। कंपनी अभी ₹14.17 करोड़ के एक्साइज डिपार्टमेंट (excise department) की मांग को लेकर भी कानूनी लड़ाई लड़ रही है, जो डीनेचर्ड अल्कोहल के एक्सपोर्ट फीस से संबंधित है।
