Q4 में भी घाटा, ऑपरेटिंग कॉस्ट और डेट का दबाव
Devyani International के लिए चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट लॉस ₹9.84 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 18.37% की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली और यह ₹1,451.01 करोड़ पर पहुंच गया। इस तिमाही में कंपनी को एक लीज डिस्प्यूट के कारण ₹92.90 मिलियन का असाधारण खर्च भी उठाना पड़ा।
डेट में बड़ा इजाफा, बढ़ेगा इंटरेस्ट का बोझ
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर नजर डालें तो डेट (कर्ज) का बोझ काफी बढ़ गया है। मौजूदा बोरिंग्स (Current Borrowings) ₹261.71 करोड़ से बढ़कर ₹574.76 करोड़ हो गई हैं। वहीं, नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current Borrowings) भी FY26 के अंत तक ₹785.63 करोड़ तक पहुंच गई हैं। इन बढ़ते कर्जों के कारण कंपनी पर इंटरेस्ट एक्सपेंस का बोझ बढ़ेगा, जो भविष्य में प्रॉफिट को प्रभावित कर सकता है।
Sapphire Foods के साथ मर्जर, क्या सुधरेगी तस्वीर?
these नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब Devyani International एक बड़ी स्ट्रैटेजिक मूव की तैयारी कर रही है। कंपनी ने Sapphire Foods India Limited के साथ मर्जर को मंजूरी दे दी है। यह मर्जर कंपनी को मार्केट में अपनी पोजीशन मजबूत करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा, Sky Gate Hospitality के एक्वीजिशन से कंपनी का फूड और बेवरेज पोर्टफोलियो भी और मजबूत हुआ है।
आगे की राह
बढ़ता रेवेन्यू शानदार है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ को प्रॉफिटेबिलिटी में बदलना Devyani International के लिए एक बड़ा चैलेंज होगा। बढ़े हुए डेट के बोझ को मैनेज करना और मर्जर के बाद ऑपरेशनल सिnergies हासिल करना कंपनी के मैनेजमेंट के लिए प्राथमिकता होगी। इंडियन QSR मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव है, और Devyani को Jubilant FoodWorks जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।