Dev Labtech Venture Ltd अपने निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद 1:2 के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) और 1:1 के रेशियो में बोनस शेयर (Bonus Share) जारी करने का फैसला किया है। इस ऐलान के बाद निवेशकों के हाथ में मौजूद शेयरों की संख्या ठीक दोगुनी हो जाएगी, जिससे कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
योजना के तहत, कंपनी के मौजूदा हर एक इक्विटी शेयर (Equity Share) को दो शेयर में बांटा जाएगा, जिनकी फेस वैल्यू (Face Value) ₹5 होगी (यह 1:2 का सब-डिवीजन है)। इसके साथ ही, कंपनी हर एक शेयर पर एक बोनस शेयर भी देगी (यह 1:1 का रेशियो है)। इन कॉर्पोरेट एक्शन्स (Corporate Actions) का मुख्य मकसद शेयरों को निवेशकों के लिए और ज्यादा सुलभ बनाना और ट्रेडिंग को बढ़ाना है।
बता दें कि Dev Labtech, जो कि 1993 से लैब-ग्रोन (Lab-grown) और नेचुरल डायमंड्स (Natural Diamonds) का निर्माण करती है, ने मार्च 2026 में बोर्ड से इन प्रस्तावों को मंजूरी दिलवाई थी, और अप्रैल 2026 में शेयरधारकों से भी हरी झंडी मिल गई। कंपनी ने अपने हीरे के कारोबार से आगे बढ़कर ट्रेडिंग, मैन्युफैक्चरिंग और मैरीटाइम सर्विसेज (Maritime Services) जैसे नए क्षेत्रों में भी कदम रखा है। कंपनी ने मार्च 2023 में IPO के जरिए भी फंड जुटाया था।
हालांकि, हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी को एक बड़ा झटका लगा है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुए छह महीनों में Dev Labtech का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 74.8% गिर गया था।
इन कॉर्पोरेट एक्शन्स के बाद, शेयरधारकों के पास उनके वर्तमान शेयरों की संख्या से ठीक दोगुनी संख्या में शेयर होंगे, जिनकी फेस वैल्यू घटकर ₹5 हो जाएगी। कंपनी ने भविष्य में वित्तीय लचीलेपन और अपने बढ़ते कारोबार को सहारा देने के लिए अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को भी बढ़ाया है।
निवेशक अब कंपनी की डाइवर्सिफाइड सेगमेंट्स (Diversified Segments) के लिए उसकी रणनीति और हालिया रेवेन्यू गिरावट से उबरने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। शेयरों की बढ़ी हुई संख्या का कुल बाजार लिक्विडिटी पर क्या असर पड़ेगा, यह भी देखने वाली बात होगी।
लैब-ग्रोन डायमंड मैन्युफैक्चरिंग में सीधे तौर पर लिस्टेड कंपनियाँ (Listed Peers) ज्यादा नहीं हैं। ज्वेलरी रिटेलर्स जैसे P N Gadgil Jewellers और Thangamayil Jewellery इस इंडस्ट्री में हैं, लेकिन उनके बिजनेस मॉडल अलग हैं।
आगे की प्रमुख एक्शन्स में कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलावों का रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के साथ औपचारिक पंजीकरण कराना शामिल है। निवेशक Dev Labtech की डाइवर्सिफाइड बिजनेस के लिए उसकी एक्जीक्यूशन प्लान्स (Execution Plans) और भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन, खासकर H1 FY26 रेवेन्यू ड्रॉप से रिकवरी के संकेतों पर भी ध्यान देंगे।
