Deepak Builders को IOCL से ₹474 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, ऑर्डर बुक ₹2000 करोड़ के पार!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Deepak Builders को IOCL से ₹474 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, ऑर्डर बुक ₹2000 करोड़ के पार!
Overview

Deepak Builders & Engineers India Limited के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) से **₹474.25 करोड़** का एक बड़ा कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मिलने की सबसे बड़ी बोली (Lowest Bid) मिली है। इस प्रोजेक्ट से कंपनी की ऑर्डर बुक करीब **₹2,000 करोड़** तक पहुँचने का अनुमान है, जिससे भविष्य के रेवेन्यू (Revenue) की संभावनाएं बढ़ेंगी।

IOCL से मिला ₹474 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट!

Deepak Builders & Engineers India Limited को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की ओर से ₹474.25 करोड़ का एक बड़ा कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट मिलने की सबसे बड़ी बोली (Lowest Bid) प्राप्त हुई है। यह प्रोजेक्ट IOCL के पानीपत रिफाइनरी के पास 12 रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स के कंस्ट्रक्शन (Construction) से जुड़ा है। कंपनी ने 9 मार्च 2026 को इस बाबत जानकारी दी है।

ऑर्डर बुक में बंपर उछाल का अनुमान

इस नए प्रोजेक्ट के साथ, Deepak Builders की कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹2,000 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। यह कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है और आने वाले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में रेवेन्यू (Revenue) की बढ़त के संकेत दे रहा है। इस प्रोजेक्ट में 13-13 मंजिला (G+13) 12 हाई-राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, जिनके कंस्ट्रक्शन के लिए कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है।

सेक्टर में कहां खड़े हैं दीपक बिल्डर्स?

भारतीय कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में, Larsen & Toubro Ltd जैसी बड़ी कंपनियाँ ₹3 लाख करोड़ से ऊपर की ऑर्डर बुक मैनेज करती हैं। PNC Infratech Ltd के पास Q3 FY24 तक लगभग ₹18,000 करोड़ की ऑर्डर बुक थी, जबकि HG Infra Engineering Ltd भी इस क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी है। इस नए प्रोजेक्ट से Deepak Builders अपनी ऑर्डर बुक को इन दिग्गजों के मुकाबले काफी बड़ा करने की राह पर है।

हालांकि, यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अभी IOCL से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इसमें मोनोलिथिक टेक्नोलॉजी (Monolithic Technology) का इस्तेमाल करते हुए 12 G+13 रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स का कंस्ट्रक्शन शामिल है, जो एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती हो सकती है।

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