D&H India Limited ने शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद कर देगी।
इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने का इंतजाम
यह कदम फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी के ऑडिटेड नतीजों के ऐलान से ठीक पहले उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना और बाजार में निष्पक्षता बनाए रखना है। यह वित्तीय बाजारों में एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी गैर-सार्वजनिक वित्तीय जानकारी का इस्तेमाल ट्रेडिंग में फायदे के लिए न हो।
कंपनी का बिजनेस और हालिया गतिविधियां
D&H India, वेल्डिंग कंज्यूमेबल्स (welding consumables) और मेटालर्जिकल कोर्ड वायर (metallurgical cored wire) का निर्माण करती है। यह स्टील, शिपबिल्डिंग और एनर्जी जैसे प्रमुख सेक्टरों को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने हाल ही में मार्च 2026 में ₹32.59 करोड़ की कनवर्टिबल वॉरंट्स (convertible warrants) के प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) को बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। इससे पहले कंपनी एक राइट्स इश्यू (rights issue) भी कर चुकी है।
किन पर लागू होगा प्रतिबंध?
यह ट्रेडिंग प्रतिबंध कंपनी के प्रमोटरों, डायरेक्टर्स, प्रमुख प्रबंधन कर्मियों (KMPs) और उनके रिश्तेदारों पर लागू होगा। इन व्यक्तियों को D&H India के शेयरों में ट्रेडिंग करने की मनाही होगी। यह प्रतिबंध नतीजों के आधिकारिक ऐलान के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगा, जिससे सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन (दिसंबर 2025 तक)
दिसंबर 2025 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का पिछले बारह महीनों का रेवेन्यू (revenue) लगभग $27.5 मिलियन था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए कंपनी की नेट इनकम (net income) लगभग $0.609 मिलियन दर्ज की गई थी।
सेक्टर में कौन है प्रतिस्पर्धी?
D&H India इंडस्ट्रियल गुड्स सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Ador Welding Ltd का नाम शामिल है। इस ब्रॉडर इंडस्ट्रियल गुड्स स्पेस में Diffusion Engineers Ltd और Greaves Cotton Ltd जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं।
