यह स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) एक 21.6 MW विंड और 14 MWp सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट डेवलप कर रहा है, जिसे खास तौर पर DCBL के आंध्र प्रदेश स्थित Kadapa प्लांट को बिजली सप्लाई करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस डील पर 29 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे और उम्मीद है कि यह अगले चार महीनों के अंदर पूरी हो जाएगी।
यह अधिग्रहण Dalmia Bharat Group के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 100% रिन्यूएबल इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करना (RE100 कमिटमेंट) और 2040 तक कार्बन नेगेटिव बनना है। कैप्टिव प्रोजेक्ट्स के जरिए रिन्यूएबल पावर सोर्स करने से न केवल कंपनी के ऑपरेटिंग कॉस्ट (Operating Cost) में कमी आती है, बल्कि उसके कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) को भी घटाने में मदद मिलती है।
Dalmia Bharat पहले भी रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। मार्च 2026 में DCBL ने विंड पावर के लिए Ventora Energy Private Limited में भी हिस्सेदारी खरीदी थी। इससे पहले 2025 और 2026 में भी कंपनी ने कैप्टिव पावर के लिए सोलर SPVs में निवेश किया था। कंपनी ने दिसंबर 2022 में Jaiprakash Associates Limited से ₹5,666 करोड़ में सीमेंट एसेट्स का अधिग्रहण करके भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई थी।
इस नए अधिग्रहण से Dalmia Bharat का एनर्जी मिक्स (Energy Mix) और बेहतर होगा और ऑपरेशनल रेजिलिएंस (Operational Resilience) बढ़ेगी। यह कंपनी को उसके RE100 और कार्बन नेगेटिविटी लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने में मदद करेगा।
हालांकि, इस डील में कुछ संभावित जोखिम भी हैं। अधिग्रहण कुछ स्टैंडर्ड कंडीशंस (Standard Conditions) के अधीन है, जिनमें देरी हो सकती है या यह पूरा नहीं भी हो सकता। Dalmia Bharat और उसकी सब्सिडियरीज़ को रेगुलेटरी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। फरवरी 2025 में, इनएलिजिबल इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम के लिए कंपनी पर ₹9.20 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने कुछ अहम लोगों के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कार्रवाई की सिफारिश भी की है। ₹377.26 करोड़ की जमीन से जुड़ा एक एसेट अटैचमेंट ऑर्डर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी कानूनी चुनौती का सामना कर रहा है।
प्रतिस्पर्धी कंपनियों जैसे UltraTech Cement और Shree Cement भी रिन्यूएबल एनर्जी में भारी निवेश कर रही हैं। UltraTech के पास 555 MW ग्रीन कैपेसिटी है और उनका लक्ष्य 2050 तक 100% रिन्यूएबल इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग करना है। वहीं, Shree Cement लगभग 56% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करती है, जो भारत के सीमेंट सेक्टर में सबसे ऊंचे दरों में से एक है।
फाइनेंशियल ईयर 2025 तक Dalmia Bharat के पास 136 MW सोलर कैपेसिटी और वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS) से 72 MW की क्षमता थी।
निवेशकों की नजरें Oyster Green Hybrid Five के अधिग्रहण के सफल समापन पर होंगी। Dalmia Bharat के रिन्यूएबल एनर्जी निवेश और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों की प्रगति पर आगे की अपडेट्स पर भी नजर रखी जाएगी। साथ ही, कंपनी के चल रहे रेगुलेटरी और लीगल मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण रहेगा।
