प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Dalmia Bharat की सहायक कंपनी Dalmia Cement (Bharat) Limited (DCBL) को एक बड़ा अप्रत्याशित राहत दी है। ED ने कंपनी द्वारा ₹92.52 करोड़ की बैंक गारंटी जमा किए जाने के बाद, DCBL की अटैच की गई ज़मीन के हिस्सों को रिलीज़ करने का आदेश जारी किया है।
इस फैसले से DCBL से जुड़े कथित अपराध की राशि (Proceeds of Crime) में भारी कमी आई है। पहले यह राशि ₹793.34 करोड़ थी, लेकिन अब यह घटकर ₹92.52 करोड़ रह गई है। यह कमी एक ट्रिब्यूनल के फैसले और कंपनी द्वारा बैंक गारंटी जमा करने के बाद हुई है।
हालांकि, कंपनी अभी भी शेष ₹92.52 करोड़ की राशि के खिलाफ अपील कर रही है। इसका मतलब है कि कानूनी अनिश्चितता और वित्तीय जोखिम अभी भी कंपनी के लिए बना हुआ है।
यह ED की कार्रवाई एक मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जो 2011 के एक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मामले से जुड़ी है। आरोप है कि अनुचित लाभ के बदले में निवेश किया गया था। ED ने 31 मार्च, 2025 को एक अस्थायी अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था, जिसमें DCBL की ₹793.34 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी।
9 मार्च, 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कथित अपराध की राशि को घटाकर ₹92.52 करोड़ कर दिया था। ED का नवीनतम आदेश, जो 21 अप्रैल, 2026 को जारी हुआ, इसी ट्रिब्यूनल के फैसले और बैंक गारंटी जमा करने के बाद आया है।
ज़मीन के हिस्से रिलीज़ होने के आदेश के बाद, DCBL से इन संपत्तियों पर नियंत्रण वापस पाने की उम्मीद है। कथित अपराध की राशि में कमी से तत्काल वित्तीय दबाव कम हुआ है। लेकिन, ₹92.52 करोड़ की शेष राशि के खिलाफ चल रही अपील कंपनी के लिए वित्तीय देनदारी और कानूनी जोखिम के रूप में बनी हुई है।
इस मामले से जुड़े अहम तारीखें इस प्रकार हैं:
- 31 मार्च, 2025: ED ने ₹793.34 करोड़ का प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया।
- 9 मार्च, 2026: PMLA अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कथित अपराध की राशि को घटाकर ₹92.52 करोड़ कर दिया।
- 21 अप्रैल, 2026: ED ने ₹92.52 करोड़ की बैंक गारंटी के बाद अटैच की गई ज़मीन रिलीज़ करने का आदेश दिया।
आगे चलकर, निवेशक DCBL की ₹92.52 करोड़ की कथित PoC के खिलाफ अपील की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। नियामक की ओर से कोई भी और कार्रवाई या Dalmia Bharat द्वारा कानूनी कार्यवाही पर कोई भी खुलासा भी महत्वपूर्ण होगा।
