पूरे साल के नतीजे:
Dalmia Bharat ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 65.52% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। यह प्रॉफिट बढ़कर ₹1,157 करोड़ रहा। इस शानदार परफॉरमेंस का मुख्य कारण पूरे साल की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 5.57% की बढ़ोतरी रही, जो ₹15,026 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी ने शेयरधारकों को ₹5 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की भी सिफारिश की है।
Q4 में क्यों आई गिरावट?
चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) के नतीजों में कंपनी की तस्वीर थोड़ी बदली हुई दिखी। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट 10.25% घटकर ₹394 करोड़ रह गया, भले ही रेवेन्यू 2.53% बढ़कर ₹4,290 करोड़ पर पहुंच गया था।
कर्ज बढ़ा, इक्विटी भी बढ़ी:
Dalmia Bharat की कंसोलिडेटेड इक्विटी FY26 में बढ़कर ₹18,123 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹17,500 करोड़ थी। वहीं, कंपनी ने विस्तार योजनाओं के लिए नॉन-करंट बोरिंग्स (गैर-चालू देनदारियों) में भी बढ़ोतरी की है। यह बढ़कर ₹6,168 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹4,605 करोड़ थी।
ED केस में मिली बड़ी राहत:
कंपनी को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध से प्राप्त आय) के मामले में एक बड़ी राहत मिली है। PMLA अपैलेट ट्रिब्यूनल ने ED के ₹793 करोड़ के दावे को घटाकर सिर्फ ₹92.52 करोड़ कर दिया है। इसके बाद, कंपनी द्वारा बैंक गारंटी दिए जाने पर अटैच की गई जमीन के कुछ हिस्सों को रिलीज कर दिया गया है। हालांकि, Dalmia Bharat बचे हुए ₹92.52 करोड़ के दावे के खिलाफ भी अपील करने का इरादा रखती है।
कानूनी विवाद जारी:
ED केस में राहत मिलने के बावजूद, कंपनी एक सब्सिडियरी में 76% हिस्सेदारी को लेकर Bawri Group के साथ विवाद का सामना कर रही है, जो अभी अनसुलझा है और अनिश्चितता का एक कारण बना हुआ है।
इंडस्ट्री में कहां है Dalmia Bharat?
FY26 में Dalmia Bharat का 65.52% का नेट प्रॉफिट ग्रोथ इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों के मुकाबले काफी अच्छा रहा। उदाहरण के लिए, UltraTech Cement ने FY26 में 35.12% की बढ़ोतरी के साथ ₹8,165.64 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं, Shree Cement का FY25 नेट प्रॉफिट करीब ₹1,123 करोड़ रहा था।
हालांकि, तिमाही नतीजों में Dalmia Bharat थोड़ी पिछड़ गई। जहां इसका Q4 प्रॉफिट 10.25% गिरा, वहीं UltraTech Cement का Q4 FY26 प्रॉफिट 20.2% बढ़ा। ACC Ltd का स्टैंडअलोन Q4 FY25 प्रॉफिट 1.7% घटा था। कंपनी के शेयर का खास रिस्क प्रोफाइल उसके कानूनी मामलों की वजह से अलग है।
आगे क्या देखें?
निवेशक Bawri Group विवाद के समाधान और ED के 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' दावे से जुड़े किसी भी नए डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी की रणनीति, खासकर तिमाही प्रॉफिट में गिरावट को संभालने और बढ़ते कर्ज के प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।
