मुनाफे में आई भारी गिरावट, रेवेन्यू बढ़ा
DMR Engineering Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। नतीजों के अनुसार, कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 14% गिरकर ₹16.81 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में यह ₹19.66 करोड़ था।
इसके बावजूद, कंपनी के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 8.98% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। FY26 में रेवेन्यू ₹1254.37 लाख (लगभग ₹12.54 करोड़) तक पहुंच गया, जो FY25 के ₹1150.98 लाख (लगभग ₹11.51 करोड़) से अधिक है।
स्टैंडअलोन नतीजों में भी गिरावट
अगर कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें, तो यहां मुनाफा और भी अधिक गिरा है। FY25 में ₹170.59 लाख का प्रॉफिट FY26 में घटकर सिर्फ ₹95.63 लाख रह गया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी थोड़ा गिरकर ₹1025.80 लाख (लगभग ₹10.26 करोड़) हो गया, जो पिछले साल ₹1046.85 लाख (लगभग ₹10.47 करोड़) था।
डिविडेंड और नए बोर्ड सदस्य
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर दी है। बोर्ड ने ₹0.14 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी के बाद एजीएम (AGM) में घोषित किया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने बोर्ड में नए सदस्यों की नियुक्ति का भी ऐलान किया है। दिवय मित्तल और अरविंद भट को होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-time Directors) के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे कंपनी के मैनेजमेंट को मजबूती मिलेगी। नकुल यादव को अगले दो वित्तीय वर्षों के लिए आंतरिक ऑडिटर (Internal Auditor) नियुक्त किया गया है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
मुनाफे में गिरावट के बावजूद रेवेन्यू में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कंपनी के संचालन में सुधार हुआ है, लेकिन लागत में वृद्धि या मार्जिन पर दबाव के कारण बॉटम लाइन प्रभावित हुई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी (EPC) सेक्टर में काम करने वाली DMR Engineering के लिए यह प्रदर्शन मिला-जुला रहा है।
