नए ऑर्डर्स से डिफेंस सेक्टर में DCX की धाक
DCX Systems और उसकी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Raneal Advanced Systems ने मिलकर ₹31.64 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। DCX Systems को केबल और वायर हार्नेस असेंबली के लिए ₹17.45 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, जबकि Raneal Advanced Systems ने प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (Printed Circuit Board Assemblies) के लिए ₹14.19 करोड़ के ऑर्डर अपने नाम किए हैं। ये ऑर्डर कंपनी के सामान्य बिजनेस का हिस्सा हैं।
रेवेन्यू की विजिबिलिटी बढ़ी
इन नए ऑर्डर्स से DCX Systems के ऑर्डर बुक (Order Book) को मजबूती मिली है, जिससे आने वाली तिमाहियों के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी (Revenue Visibility) और बढ़ गई है। यह डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में खास इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की लगातार मांग को भी दर्शाता है, जहां DCX Systems अपनी सेवाएं देती है। कुल ₹31.64 करोड़ का यह रकम कंपनी के फाइनेंशियल आउटलुक को बढ़ावा देगा और उसके मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी को साबित करेगा।
'मेक इन इंडिया' का दम
बेंगलुरु स्थित DCX Systems, जो AS9100D सर्टिफाइड मैन्युफैक्चरर है, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स और केबल हार्नेस बनाने में माहिर है। कंपनी 'मेक इन इंडिया' (Make-In-India) और 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) पहलों का फायदा उठाकर डोमेस्टिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर खुद को स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। इसकी सहायक कंपनी Raneal Advanced Systems, जो प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली पर फोकस करती है, ने हाल ही में बड़े साइज के PCB असेंबली की क्षमता का विस्तार किया है, जिससे जटिल और बड़े फॉर्मेट की जरूरतें पूरी की जा सकें।
पिछली बड़ी डील्स
यह ताज़ा ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब DCX Systems ने पहले भी कई बड़े सौदे किए हैं। मार्च 2026 के लिए मैरीटाइम पेट्रोल रडार सिस्टम के ₹563.45 करोड़ के ऑर्डर और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से एयरबोर्न एप्लीकेशन्स के लिए ₹68.05 करोड़ के ऑर्डर इसी कड़ी का हिस्सा हैं। ये डील्स कंपनी की बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की क्षमता को दर्शाती हैं।
वित्तीय प्रदर्शन और कॉम्पिटिशन
निवेशक कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर भी नजर रखे हुए हैं। DCX Systems ने दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के लिए एक बड़ा कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया था, जो पिछली अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी से एक बदलाव है। इसके पीछे सहायक कंपनियों के R&D खर्चों को एक वजह बताया गया है।
DCX Systems, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), डेटा पैटर्न्स (इंडिया) लिमिटेड और पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है। BEL, भारत की सबसे बड़ी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता, के पास लगभग $8.50 बिलियन का ऑर्डर बुक है। वित्तीय वर्ष 2022 में DCX Systems का रेवेन्यू ₹11,022.73 मिलियन था, और 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का पिछले बारह महीनों का रेवेन्यू लगभग ₹1040 करोड़ ($125 मिलियन) दर्ज किया गया था।
आगे क्या देखें?
DCX Systems के लिए आगे चलकर इन नए ऑर्डर्स के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन, सफल डिलीवरी और भविष्य में बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में वापसी और सरकारी नीतियों व डिफेंस खर्चों के रुझानों के साथ तालमेल बिठाना भी महत्वपूर्ण होगा।