50 साल का सफर पूरा करने वाली Dredging Corporation of India (DCIL) ने भविष्य के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है। कंपनी का इरादा अगले 5 से 10 सालों में अपना टर्नओवर ₹3,000 करोड़ तक पहुंचाना है। यह लक्ष्य पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY23) के ₹1,146 करोड़ के रिकॉर्ड राजस्व से कहीं बड़ा है।
इस विशाल विस्तार के लिए, DCIL ₹1,000 करोड़ का राइट्स इश्यू लाने की योजना बना रही है। इस पैसे का इस्तेमाल 11 नई ड्रेजर खरीदने के लिए किया जाएगा, जो कंपनी की क्षमता और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को काफी बढ़ा देंगी।
घरेलू प्रोजेक्ट्स के अलावा, DCIL अपनी ग्लोबल मौजूदगी को भी मजबूत कर रही है और सऊदी अरब, बहरीन, ताइवान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में काम कर रही है। साथ ही, कंपनी सबमरीन केबल ट्रेंचिंग और ऑफशोर विंड एनर्जी सेक्टर में सपोर्ट जैसे नए बिजनेस एरिया में भी उतरने की संभावनाएं तलाश रही है। यह विस्तार 'सागरमाला प्रोग्राम' जैसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के साथ तालमेल बिठाता है, जिनका मकसद भारत के तट और जलमार्गों का विकास करना है।
DCIL का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है। FY23 में कंपनी ने ₹1,146 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, Q3 FY26 के लिए साल-दर-तारीख (Year-to-date) के आंकड़ों के अनुसार, ₹843 करोड़ का रेवेन्यू और ₹104 करोड़ का नेट प्रॉफिट रहा है। दिसंबर 2025 तक लगभग ₹1,400 करोड़ का ऑर्डर बुक कंपनी के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।
यह स्ट्रेटेजिक विस्तार DCIL की मैरीटाइम डेवलपमेंट में लीडरशिप को मजबूत करने की मंशा को दर्शाता है। बेड़े के आधुनिकीकरण, क्षमता बढ़ाने और नए सेक्टर्स में विविधता लाने से कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में बड़ा हिस्सा हासिल करने का लक्ष्य रखती है। निवेशकों की नजरें ₹1,000 करोड़ के राइट्स इश्यू की प्रगति, 11 नई ड्रेजर की एंट्री, नए बिजनेस एरियाज (जैसे सबमरीन केबल ट्रेंचिंग और ऑफशोर विंड) में प्रोजेक्ट्स हासिल करने पर रहेंगी, साथ ही ₹3,000 करोड़ के टर्नओवर लक्ष्य की ओर कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
