Cummins India को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) विभाग से दो बड़े झटके लगे हैं। पुणे के एडिशनल कमिश्नर CGST ने कंपनी पर ₹124.64 करोड़ का टैक्स और पेनल्टी का बोझ डाला है। ये डिमांड फाइनेंशियल ईयर 2019-20, 2020-21, और 2021-22 की अवधि के लिए हैं।
सोर्स के मुताबिक, इसमें ₹62.31 करोड़ का सीधा टैक्स डिमांड शामिल है, जबकि ₹62.33 करोड़ की राशि पेनल्टी के तौर पर लगाई गई है।
हालांकि, Cummins India ने यह साफ कर दिया है कि इन GST ऑर्डर्स का कंपनी के फाइनेंसियल रिजल्ट्स या रोजमर्रा के ऑपरेशन्स पर कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' (material impact) यानी कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। कंपनी इन टैक्स डिमांड्स के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी में है।
पुराने टैक्स मामले
यह पहली बार नहीं है जब Cummins India को टैक्स संबंधी मामलों का सामना करना पड़ा हो। कंपनी पहले भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और कमिश्नर ऑफ कस्टम्स से टैक्स डिमांड्स का सामना कर चुकी है। हालांकि, कई मामलों में कंपनी को ITAT (Income Tax Appellate Tribunal) से राहत भी मिली है और कुछ टैक्स रिफंड भी मिले हैं। कंपनी को BSE और NSE से ऑडिट कमिटी के नियमों के उल्लंघन पर छोटी पेनल्टी भी भुगतनी पड़ी थी।
आगे का रास्ता
यह ₹124.64 करोड़ की डिमांड एक कंटीजेंट लायबिलिटी (contingent liability) बनी रहेगी जब तक कि अपील की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। अगर अपील असफल रहती है, तो यह कंपनी पर सीधा वित्तीय बोझ बन सकती है, जिससे उसकी प्रॉफिटेबिलिटी और कैश रिजर्व प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल, कंपनी अपनी लीगल और कंप्लायंस टीम के साथ मिलकर इस मामले में अपील करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। Cummins India इंजन और पावर सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है, जहां Kirloskar Oil Engines, Greaves Cotton, और Swaraj Engines जैसी कंपनियां भी रेगुलेटेड माहौल में काम करती हैं।
निवेशक अब इस मामले में कंपनी की अपीलों के नतीजों का इंतजार करेंगे।
