Crompton Greaves Consumer Electricals Limited ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए ₹42.61 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। इस कुल मांग में ₹34.53 करोड़ का टैक्स और ₹8.08 करोड़ का ब्याज शामिल है। यह डिमांड ESOP एक्सपेंसेस, वारंटी प्रोविजन्स, और इनटैन्जिबल एसेट्स पर डेप्रिसिएशन के डिसअलाउंस के साथ-साथ इनकम टैक्स रिटर्न्स फाइल न करने वालों को किए गए पेमेंट्स से जुड़ी है।
कंपनी का कहना है कि इस डिमांड का उनके फाइनेंशियल्स या ऑपरेशन्स पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, Crompton Greaves ने इस ऑर्डर के खिलाफ अपील करने की अपनी मंशा जाहिर की है और उन्हें उम्मीद है कि अपील प्रक्रिया में अनुकूल परिणाम मिलेगा।
यह पहली बार नहीं है जब Crompton Greaves को टैक्स संबंधी मामलों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर 2025 में, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए ₹3.34 करोड़ के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड के एक हिस्से को स्वीकार किया था। इससे पहले मार्च 2026 में, इसी तरह के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मुद्दों पर ₹4.50 करोड़ का एक और GST डिमांड भी जारी हुआ था। ESOP खर्चों को लेकर वर्तमान डिसअलाउंस, भारत में कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान की टैक्सेशन की जटिलताओं को दर्शाते हैं।
उपभोक्ता इलेक्ट्रिकल सेक्टर में ऐसे टैक्स विवाद आम हैं। इसी सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियों जैसे Havells India को हाल ही में ₹2.02 करोड़ का कस्टम्स डिमांड और ₹1.11 करोड़ का इनकम टैक्स पेनल्टी झेलना पड़ा था। वहीं, Bajaj Electricals को भी इनपुट टैक्स क्रेडिट और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म से जुड़े मुद्दों पर ₹34 करोड़ से अधिक की GST डिमांड का सामना करना पड़ा है।
अब निवेशकों की नजर Crompton Greaves द्वारा नेशनल फेसलेस अपील सेंटर (NFAC) में औपचारिक अपील दायर करने पर रहेगी। प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाने वाले किसी भी अंतरिम आदेश या स्टे (स्थगन) के साथ-साथ मामले के अंतिम समाधान और उसके समय-सीमा पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
