यह मीटिंग 25-27 अप्रैल तक ई-वोटिंग के ज़रिए हुई और 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हुई। यह NCLT मुंबई के 11 मार्च 2026 के आदेश के बाद बुलाई गई थी। शेयरहोल्डर्स को प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) के बारे में जानकारी दी गई, जो कंपनी के फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग पर केंद्रित है।
इस फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य लक्ष्य Concord Enviro की बैलेंस शीट को बेहतर बनाना है, जिसमें निगेटिव रिटेन्ड अर्निंग्स (Negative Retained Earnings) को उसके सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट (Securities Premium Account) के साथ एडजस्ट किया जाएगा। इससे कंपनी की वित्तीय तस्वीर और साफ होगी। NCLT मुंबई ने 11 मार्च 2026 को इस प्रक्रिया के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी, जिससे कंपनी शेयरहोल्डर्स की सहमति ले सके। इस रीस्ट्रक्चरिंग का उद्देश्य शेयरहोल्डिंग पैटर्न को बदले बिना और ऑपरेशनल कैपेबिलिटीज व लिक्विडिटी पर कोई असर डाले बिना बैलेंस शीट को ऑप्टिमाइज़ करना है।
हालांकि, आगे का रास्ता चुनौतियों से भरा है। शेयरहोल्डर्स की असहमति से प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट में देरी हो सकती है या इसे रोका जा सकता है। इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद NCLT से अंतिम मंजूरी (Final Sanction) लेना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
Concord Enviro Systems एनवायर्नमेंटल सर्विसेज और वॉटर ट्रीटमेंट सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Ion Exchange और Thermax जैसी कंपनियां शामिल हैं।
निवेशक अब स्कीम ऑफ अरेंजमेंट पर शेयरहोल्डर वोट के नतीजों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके बाद कंपनी NCLT से अंतिम मंजूरी के लिए आवेदन करेगी और स्कीम के लागू होने की टाइमलाइन पर आगे की जानकारी देगी।
