Cochin Shipyard Limited (CSL) और HBL Engineering Limited ने मिलकर 'GREEN MARITIME PROPULSION PRIVATE LIMITED' नाम से एक नई कंपनी का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण जॉइंट वेंचर (JV) में शुरुआती कैपिटल ₹9 करोड़ का होगा, जिसमें CSL 40% हिस्सेदारी रखेगी, जबकि HBL Engineering के पास 60% स्टेक होगा।
यह JV शिपिंग इंडस्ट्री के लिए ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी खास तौर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी टेक्नोलॉजी और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस (Energy Storage Solutions) के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।
इस कोलैबोरेशन का बड़ा रणनीतिक महत्व है। यह न केवल भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्लोबल मैरीटाइम सेक्टर में डीकार्बनाइजेशन (Decarbonization) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के बढ़ते रुझान के साथ भी तालमेल बिठाएगा।
CSL, जो कि भारत का सबसे बड़ा शिपयार्ड है, इस JV के ज़रिए ग्रीन शिपिंग के उभरते क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। वहीं, HBL Engineering अपने एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के विशेषज्ञता का योगदान देगा।
CSL का FY23 में रेवेन्यू ₹4,591.55 करोड़ रहा था। इस JV से कंपनी को पारंपरिक शिपबिल्डिंग से आगे बढ़कर ग्रीन टेक्नोलॉजी में नए अवसर तलाशने और राजस्व के नए स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।
