मुनाफे में गिरावट, पर रेवेन्यू में उछाल
Cochin Shipyard ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के ₹827.33 करोड़ की तुलना में 13% की कमी आई है और यह ₹716.74 करोड़ रहा। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी की टोटल इनकम 4% बढ़कर ₹5,431.69 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹5,209.02 करोड़ थी।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही अमल में लाया जाएगा।
गवर्नेंस को लेकर लगातार चिंताएं
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता कंपनी के अंदरूनी गवर्नेंस से जुड़ी हुई है, खासकर बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर। CSL को SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) रेगुलेशंस, 2015 के अनुपालन में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। मुख्य वजह इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी बताई जा रही है। सरकार की ओर से लंबित नियुक्तियों के कारण, कंपनी के महत्वपूर्ण बोर्ड कमेटियां जैसे कि ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी का ठीक से गठन नहीं हो पाया है।
इस वजह से यह एक असामान्य स्थिति बनी हुई है कि कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों की समीक्षा ऑडिट कमेटी द्वारा नहीं की गई। यह गवर्नेंस की एक बड़ी कमजोरी को दर्शाता है और रेगुलेटरी नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Cochin Shipyard डिफेंस मिनिस्ट्री के तहत एक बड़ी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) है, जो भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसने भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत का निर्माण भी किया है।
आगे क्या?
निवेशक अब इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति को लेकर होने वाले डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो कंपनी के अनुपालन मुद्दों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, शेयरधारकों द्वारा प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड को मंजूरी देना और CSL के चल रहे शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट्स का निष्पादन कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक होंगे।