Coal India Limited (CIL) को गुजरात में अपने 100 MW के सोलर पावर प्लांट के लिए आधिकारिक कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिल गया है। गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) द्वारा 5 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया यह सर्टिफिकेट 31 मार्च, 2026 से प्लांट के ऑपरेशनल होने की पुष्टि करता है। गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा तालुका के भद्राली गांव में स्थित यह प्रोजेक्ट, CIL की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में 100 MW की एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है।
यह कमीशनिंग, कोल इंडिया की कोयले से इतर ऊर्जा उत्पादन में विविधता लाने की स्ट्रैटेजी (Strategy) में एक बड़ा कदम है। 100 MW का यह सोलर प्लांट तुरंत साफ ऊर्जा क्षमता जोड़ेगा, जिससे कंपनी का रिन्यूएबल पोर्टफोलियो मजबूत होगा और कोयले पर निर्भरता कम होगी। यह कदम भारत के राष्ट्रीय रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों और CIL के नेट-जीरो (Net-Zero) एंबिशन्स (Ambitions) के अनुरूप है, जिससे कंपनी अपने लक्ष्यों को पूरा करने के करीब पहुंच रही है।
भारत की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी, कोल इंडिया, रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य 2027-28 तक 3 GW और 2029-30 तक कुल 9.5 GW रिन्यूएबल क्षमता स्थापित करना है। CIL 2025-26 तक 3 GW का सोलर पावर प्रोग्राम लागू कर रही है और उसने हाल ही में अपने सोलर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को बढ़ाया है, जिसने FY26 के जनवरी तक अपने लक्ष्यों को पार कर लिया है। कंपनी का सोलर कैपिटल एक्सपेंडिचर जनवरी FY26 तक ₹961 करोड़ तक पहुंच गया है, जो निवेश की मजबूत गति को दर्शाता है।
अब निवेशक CIL की बाकी अंडर-कंस्ट्रक्शन और नियोजित रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने महत्वाकांक्षी इंस्टॉलेशन टारगेट्स (Installation Targets) को कितनी तेजी से पूरा करती है।
