देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी Coal India Limited (CIL) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। हाल के दिनों में औद्योगिक डीजल की कीमतों में 54% की भारी वृद्धि हुई है, वहीं विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले अमोनियम नाइट्रेट (AN) की लागत में 44% का इजाफा देखा गया है।
विस्फोटकों की औसत लागत में भी 26% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, CIL इन बढ़ी हुई लागतों को अपने ऊपर लेने जा रही है और इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डालेगी। CIL की सब्सिडियरीज़ सालाना लगभग 9 लाख मीट्रिक टन विस्फोटक और 4.19 लाख किलोलीटर डीजल का इस्तेमाल करती हैं।
सिर्फ लागत को अवशोषित करना ही नहीं, CIL ने अपनी कोयला नीलामी (coal auction) की रणनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी अपनी सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक (SWMA) ई-नीलामी में कोयले की रिजर्व प्राइस (reserve price) को कम करेगी और नीलामी के लिए पेश किए जाने वाले कोयले की मात्रा (volume) को भी बढ़ाएगी। यह कदम ऊर्जा बाजार में जारी उठापटक के बीच कोयले की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसे किफायती बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
CIL का यह फैसला बिजली और स्टील जैसे कोयला-निर्भर उद्योगों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इससे उनमें मुद्रास्फीति (inflation) फैलने से रोकी जा सकेगी। हालांकि, इन बढ़ी हुई लागतों को खुद झेलने से CIL के मुनाफे (profitability) और मार्जिन पर अल्पावधि में दबाव पड़ सकता है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी इन आंतरिक दबावों को कैसे प्रबंधित करती है।
एक ओर जहां CIL लागत को अवशोषित कर रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी को स्टॉक एक्सचेंजों (NSE/BSE) से स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति संबंधी SEBI नियमों के अनुपालन में कोताही के लिए जुर्माने का सामना भी करना पड़ सकता है।