इस साझेदारी का क्या है मतलब?
यह पार्टनरशिप दोनों कंपनियों के लिए एक बड़ा कदम है। CleanMax के लिए, यह इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स को रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस देने में अपनी स्थिति मजबूत करता है और राजस्थान में अपना विस्तार बढ़ाता है। वहीं, Sangam India के लिए, यह क्लीन एनर्जी और स्टोरेज को मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में शामिल करके अपने सस्टेनेबिलिटी और ESG टारगेट्स को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ऊर्जा लागत में भी कमी आ सकती है।
प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी
इस हाइब्रिड प्रोजेक्ट में 30 MWp की सोलर पावर कैपेसिटी, 20 MW की विंड पावर कैपेसिटी और 2 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शामिल होगी। यह कॉम्बिनेशन Sangam India को उसकी इंडस्ट्रीज के संचालन को कार्बन-फ्री बनाने में मदद करेगा।
कंपनियों का बैकग्राउंड
CleanMax, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की एक लीडिंग कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में गुजरात में 185 MW का एक हाइब्रिड प्रोजेक्ट चालू किया था और ₹7,000 करोड़ के निवेश के साथ फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 1,500 MW क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। वर्तमान में, कंपनी की कॉन्ट्रैक्टेड कैपेसिटी 5.7 GW है। वहीं, Sangam India पहले से ही रिन्यूएबल एनर्जी को अपना रही है। कंपनी ने पहले सोलर प्लांट्स लगाए हैं और राजस्थान में कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए भी पार्टनरशिप की है ताकि कार्बन फुटप्रिंट और ऊर्जा लागत कम की जा सके।
आगे क्या देखना होगा?
CleanMax पर 9.43x के डेब्ट-टू-EBITDA रेश्यो को लेकर भी नजर रखी जा रही है (सितंबर 2025 तक)। प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और नई कैपेसिटी का स्थिरीकरण कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए अहम होगा। Sangam India के लिए, नए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट का सफल कार्यान्वयन और परफॉरमेंस एक बड़ा फैक्टर रहेगा।