ग्रोथ की नई राह पर Classic Filaments
Classic Filaments Limited अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए एक बड़े विस्तार की तैयारी में है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹24.30 करोड़ के प्रेफरेंशियल इक्विटी इश्यू को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कंपनी दो महत्वपूर्ण कंपनियों के अधिग्रहण और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज (IT) सेक्टर में नई शुरुआत करने जा रही है। कंपनी ने अपनी उधार लेने और निवेश करने की सीमाओं को भी ₹100 करोड़ तक बढ़ा दिया है।
बोर्ड ने इन बड़े फैसलों पर लगाई मुहर
15 मई, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कई अहम पहल को हरी झंडी दिखाई गई। कंपनी ₹51.50 प्रति शेयर की दर से 47,17,740 इक्विटी शेयर्स जारी करके लगभग ₹24.30 करोड़ जुटाएगी। इस पूंजी का इस्तेमाल Procasts Engineering Private Limited में 51% हिस्सेदारी ₹12 करोड़ में और Solven Power Systems Private Limited में 75% हिस्सेदारी लगभग ₹2 करोड़ में खरीदने के लिए किया जाएगा। इन अधिग्रहणों के साथ ही, बोर्ड ने उधार लेने और निवेश करने की सीमा को बढ़ाकर ₹100 करोड़ प्रति सीमा कर दिया और एक नया Information Technologies डिवीजन शुरू करने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा, Vikkas Bansal की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के तौर पर नियुक्ति को भी कन्फर्म किया गया।
स्ट्रैटेजिक बदलाव का मतलब
यह बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम Classic Filaments के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। कंपनी अपने स्थापित मैन्युफैक्चरिंग बेस से आगे बढ़कर नए ग्रोथ एरिया में कदम रख रही है। अधिग्रहीत की जाने वाली कंपनियां कंपनी के मुख्य बिजनेस को और मजबूत करेंगी, जबकि नया IT डिवीजन भविष्य में ग्रोथ के नए रास्ते खोलेगा। बढ़ी हुई उधार लेने और निवेश की सीमाएं भविष्य के विस्तार के लिए कंपनी को और अधिक वित्तीय लचीलापन (Financial Flexibility) प्रदान करेंगी।
कंपनी का पिछला सफर
ऐतिहासिक रूप से, Classic Filaments मुख्य रूप से इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट पर केंद्रित रही है। कंपनी के पिछले प्लान्स अक्सर मौजूदा कैपेसिटी और प्रोडक्ट लाइन्स को ऑप्टिमाइज़ करने पर केंद्रित थे, न कि बड़े पैमाने पर विस्तार या अधिग्रहण पर।
भविष्य की ओर कदम: मुख्य बदलाव
- नया IT डिवीजन: कंपनी अब इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज (IT) सेक्टर में प्रवेश कर रही है, जिसका लक्ष्य हाई-ग्रोथ वाले मार्केट का फायदा उठाना है।
- ऑपरेशनल विस्तार: Procasts Engineering और Solven Power Systems के अधिग्रहण से कंपनी के ऑपरेशनल बेस का विस्तार होगा।
- मजबूत वित्तीय क्षमता: उधार लेने और निवेश की सीमाएं बढ़ाकर ₹100 करोड़ प्रति सीमा करने से कंपनी की स्ट्रैटेजिक फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी।
- नेतृत्व: Vikkas Bansal का CMD के तौर पर रेगुलराइजेशन कंपनी की नई स्ट्रेटेजिक दिशा के लिए स्पष्ट नेतृत्व प्रदान करता है।
- ग्रोथ कैपिटल: प्रेफरेंशियल इश्यू से कंपनी को अपनी विस्तार योजनाओं को पूरा करने के लिए जरूरी फंड मिलेगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें प्रस्तावित प्रस्तावों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी के नतीजों पर रहेंगी। प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू का सफल समापन और उसके बाद फंड का प्रवाह भी अहम होगा। Procasts Engineering और Solven Power Systems का अंतिम रूप देना और उनका इंटीग्रेशन, साथ ही नए Information Technologies डिवीजन के स्ट्रेटेजिक फोकस पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। बढ़ी हुई उधार लेने और निवेश की सीमाओं के उपयोग को लेकर कोई भी आगे की घोषणाएं भी रुचि का विषय होंगी।