₹45 करोड़ का राइट्स इश्यू और बोर्ड में बदलाव
Century Extrusions Ltd ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में ₹45 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) के लिए ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर को मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं या बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए जरूरी कैपिटल जुटा सकेगी। इस बीच, कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर श्री संजीव किशोर (Mr. Sanjeev Kishore) ने इस्तीफा दे दिया है, जो 7 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।
मुख्य डेवलपमेंट और सिग्निफिकेंस
24 अप्रैल, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में, कंपनी ने ₹45 करोड़ जुटाने के लक्ष्य के साथ राइट्स इश्यू के लिए ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर को हरी झंडी दी। श्री संजीव किशोर के इस्तीफे को भी स्वीकार कर लिया गया है। यह कैपिटल जुटाने का कदम कंपनी की भविष्य की योजनाओं जैसे विस्तार, कर्ज घटाने या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने का संकेत देता है। एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का जाना बोर्ड की संरचना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव का सूचक है, जिस पर शेयरहोल्डर्स की नजरें रहेंगी।
पिछली कोशिशें और बैकग्राउंड
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी इस तरह का फंड जुटाने की योजना बना रही है। इससे पहले 11 फरवरी, 2026 को भी बोर्ड से मंजूरी मिली थी। फरवरी 2025 में इश्यू के उद्देश्यों को स्पष्ट करने में देरी के कारण एक प्रस्ताव को टाल दिया गया था। श्री संजीव किशोर का जाना बोर्ड में व्यापक बदलावों का हिस्सा है। इससे पहले जून 2025 में विक्रम झुंझुनवाला (Vikram Jhunjhunwala) ने चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया था, और सितंबर 2024 में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अरुण कुमार हजरा (Arun Kumar Hajra) रिटायर हुए थे।
शेयरहोल्डर्स और बोर्ड पर असर
शेयरहोल्डर्स को इस राइट्स इश्यू में भाग लेने का मौका मिल सकता है ताकि वे अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकें। जुटाए गए फंड कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत कर सकते हैं और रणनीतिक पहलों का समर्थन कर सकते हैं। बोर्ड की संरचना में बदलाव आएगा और कंपनी को श्री किशोर की जगह लेने के लिए एक नए डायरेक्टर की नियुक्ति करनी होगी।
मुख्य जोखिम
राइट्स इश्यू को सफलतापूर्वक पूरा करना, जिसमें रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना और पर्याप्त निवेशक सब्सक्रिप्शन शामिल है, एक बड़ी चुनौती हो सकती है। बोर्ड की खाली हुई जगह को भरने के लिए नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही, जुटाए गए फंड का कंपनी के बिजनेस ग्रोथ पर क्या असर होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
Century Extrusions एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न मार्केट में कॉम्पिटिशन का सामना करती है। इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में Hindalco Industries Ltd, Jindal Aluminium Limited शामिल हैं, जिनकी भारत में काफी क्षमता और मार्केट शेयर है। National Aluminium Company Ltd (NALCO) भी भारत के एल्युमीनियम सेक्टर का एक बड़ा खिलाड़ी है।
फाइनेंशियल स्नैपशॉट
कंपनी ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹432 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, Q3FY26 के लिए रेवेन्यू ₹122.53 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹2.90 करोड़ रहा।
अगले कदम
कंपनी अब सेबी (SEBI), बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के साथ ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर फाइल करेगी। इसके बाद स्टॉक एक्सचेंजों से राइट्स इश्यू के लिए जरूरी अप्रूवल और फीडबैक का इंतजार करना होगा। इश्यू के खुलने और बंद होने की तारीखों की घोषणा की जाएगी। साथ ही, नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर भी अपडेट आएंगे। मैनेजमेंट फंड के इस्तेमाल पर निवेशकों को विस्तार से जानकारी देगा।
