दमदार नतीजे और रिकॉर्ड ऑर्डर बुक
31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Cemindia Projects Ltd. ने बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 8.8% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ ₹10,061 करोड़ के नए शिखर पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 60.3% की जोरदार तेजी देखी गई और यह ₹598 करोड़ रहा। कंसॉलिडेटेड EBITDA भी 27.7% बढ़कर ₹1,199 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक ₹24,545 करोड़ की ऑल-टाइम हाई ऑर्डर बुक भी हासिल की है, जो आने वाले फाइनेंशियल इयर्स के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी सुनिश्चित करती है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और अप्रूवल
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर, बोर्ड ने मिस्टर अबीज़र शबीर दिवाणजी की तीन साल के लिए एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव-इंडिपेंडेंट) के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। साथ ही, ₹598 करोड़ के PAT और ₹1,199 करोड़ के EBITDA के साथ, कंपनी ने पांच साल के लिए प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स LLP को स्टैचुटरी ऑडिटर के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है। इन नियुक्तियों और 'कॉमन सील' से संबंधित आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलावों को आगामी शेयरहोल्डर मीटिंग्स में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और सेक्टर की स्थिति
Cemindia Projects, जिसे पहले ITD Cementation India Limited के नाम से जाना जाता था, हैवी सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में एक मजबूत इतिहास रखती है। FY25 के लिए, कंपनी ने ₹9,150 करोड़ का रेवेन्यू और 18% का 3-ईयर रेवेन्यू CAGR दर्ज किया था। FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) में प्रोजेक्ट में देरी के बावजूद, मैनेजमेंट उम्मीद जता रहा था कि ₹21,000 करोड़ की ऑर्डर बुक के आधार पर Q4 FY26 में 15-20% रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिलेगी।
FY26 में Cemindia की 8.8% रेवेन्यू ग्रोथ इसे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अच्छी स्थिति में रखती है। Larsen & Toubro Ltd. और NCC Ltd. जैसे कंपटीटर्स बड़े पैमाने पर इसी तरह के प्रोजेक्ट्स में काम करते हैं। कंपनी के PAT में 60.3% की बढ़ोतरी मार्जिन में सुधार या लागत प्रबंधन का संकेत देती है, जो सेक्टर की तुलना के लिए एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है।
31 मार्च, 2026 तक, Cemindia की कंसॉलिडेटेड नेट वर्थ ₹2,400 करोड़ रही। कंपनी ने 0.18x का हेल्दी नेट डेट टू इक्विटी रेशियो बनाए रखा।
मुख्य जोखिम और निवेशकों को क्या देखना चाहिए
एक मुख्य फैक्टर जिस पर नज़र रखनी होगी, वह है भारत सरकार द्वारा चार नए लेबर कोड्स की अधिसूचना का असर, जो कंपनी की देनदारियों और खर्चों को प्रभावित कर सकता है। Cemindia इन डेवलपमेंट्स पर बारीकी से नज़र रख रही है।
निवेशक डायरेक्टर और ऑडिटर की नियुक्तियों पर शेयरहोल्डर की मंजूरी और 27 जून, 2026 को होने वाली 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के नतीजों पर नज़र रखेंगे। नए लेबर कोड्स और उनके वित्तीय प्रभाव से जुड़े डेवलपमेंट पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
