FY26 में Cemindia का दमदार प्रदर्शन
Cemindia Projects Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स की घोषणा की है। कंपनी ने ₹10,061 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 8.8% ज्यादा है।
कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 60.3% की बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह ₹598 करोड़ पर पहुँच गया। इसी तरह, EBITDA में 27.7% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹1,199 करोड़ रहा। कंपनी ने 11.9% का EBITDA मार्जिन और 5.9% का PAT मार्जिन हासिल किया।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक से भविष्य की ग्रोथ पक्की
भविष्य की ग्रोथ को लेकर कंपनी का कॉन्फिडेंस उसकी रिकॉर्ड ऑर्डर बुक से झलकता है। 31 मार्च, 2026 तक, ऑर्डर बुक ₹24,545 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गई। सिर्फ इस फाइनेंशियल ईयर में Cemindia ने ₹14,821 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए, जिसमें चौथी तिमाही (Q4 FY26) अकेले ₹5,144 करोड़ का योगदान रहा। यह मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन आने वाले सालों के लिए लगातार रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देती है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूती
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में, कंपनी के बोर्ड ने 29 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए श्री अबीज़र शबीर दीवानजी को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। इसके अलावा, अगले पांच सालों के लिए Price Waterhouse Chartered Accountants LLP को स्टेटुटरी ऑडिटर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
कंपनी की कहानी और फाइनेंशियल हेल्थ
Cemindia Projects Ltd, जो पहले ITD Cementation India Limited के नाम से जानी जाती थी, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में नौ दशकों से अधिक का अनुभव रखती है। यह Renew Exim DMCC की सब्सिडियरी है और Adani Group का हिस्सा है। कंपनी पोर्ट्स, मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, एयरपोर्ट्स, हाईवे और ब्रिजेस जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर के विभिन्न सेगमेंट में स्पेशलाइज्ड है।
31 मार्च, 2026 तक, Cemindia का नेट डेट टू इक्विटी रेशियो 0.18x पर स्थिर रहा। कंपनी की नेट वर्थ ₹2,400 करोड़ रही, जो एक मजबूत फाइनेंशियल फाउंडेशन को दिखाता है।
आगे क्या देखें?
निवेशक आगामी AGM में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और स्टेटुटरी ऑडिटर की नियुक्तियों पर शेयरहोल्डर्स के वोट के नतीजों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, नए ऑर्डर्स और रिकॉर्ड ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी और रेवेन्यू रियलाइजेशन सुनिश्चित हो सके।
