पंजाब में ₹603 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट हाथ लगा
Ceigall India Limited की सब्सिडियरी, Ceigall Infra Projects Private Limited (CIPPL), ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली (L1) लगाकर बाजी मार ली है। यह प्रोजेक्ट करीब ₹603 करोड़ का है और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत पंजाब में विकसित किया जाएगा।
इस NHAI टेंडर के तहत 10.3 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट में 18 महीने का कंस्ट्रक्शन फेज होगा, जिसके बाद 15 साल तक इसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए NHAI का एक पसंदीदा मॉडल बनता जा रहा है, क्योंकि यह अथॉरिटी और डेवलपर के बीच रिस्क शेयरिंग को बेहतर बनाता है।
इस नई जीत से Ceigall India की प्रोजेक्ट पाइपलाइन में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जुड़ गया है, जिससे कंपनी की लंबी अवधि की कमाई की संभावनाओं को बल मिला है। यह कंपनी की बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की क्षमता को भी दर्शाता है, खासकर HAM फ्रेमवर्क के तहत।
CIPPL और उसकी पैरेंट कंपनी का सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। फरवरी 2026 में, CIPPL को बिहार में NH-139W के लिए ₹2,160 करोड़ का HAM प्रोजेक्ट मिला था। इससे पहले, दिसंबर 2025 में, कंपनी ने मध्य प्रदेश में ₹1,089 करोड़ का HAM हाईवे कॉन्ट्रैक्ट जीता था। मार्च 2026 में, कंपनी MoRTH के एक ₹274.08 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी थी और लुधियाना में दो अर्बन स्ट्रीट प्रोजेक्ट्स भी ₹207 करोड़ में हासिल किए थे।
NHAI हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहा है। अप्रैल से नवंबर 2025 तक, NHAI द्वारा आमंत्रित ₹1.15 लाख करोड़ की बोलियों में HAM प्रोजेक्ट्स का हिस्सा ₹76,150 करोड़ था। यह पुराने मॉडलों से एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।
Ceigall India इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में Larsen & Toubro (L&T), IRB Infrastructure Developers Ltd., PNC Infratech Ltd. और HG Infra Engineering Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशक अब NHAI द्वारा CIPPL को लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी करने का इंतजार करेंगे। इसके बाद फाइनेंशियल क्लोजर और 18 महीने के कंस्ट्रक्शन फेज की शुरुआत अहम पड़ाव होंगे। अगले 15 साल तक इसके ऑपरेशन और मेंटेनेंस के दौरान कंपनी के प्रदर्शन पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
