हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर बनेगा हाईवे
यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत बनाया जाएगा, जो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक जाना-माना मॉडल है। Ceigall India का इस क्षेत्र में काफी अनुभव है, कंपनी साल 2002 से इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में लगी हुई है और NHAI के साथ कई रोड, हाईवे और ब्रिज प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। कंपनी ने जून 2023 में अपना पहला HAM प्रोजेक्ट पूरा किया था और तब से कई नए प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं, जिनमें बिहार का ₹2,160 करोड़ का प्रोजेक्ट और लुधियाना के ₹207 करोड़ के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसी साल अगस्त 2024 में कंपनी ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) भी सफलतापूर्वक पूरा किया था।
प्रोजेक्ट में 18 महीने का निर्माण समय और उसके बाद 15 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) फेज शामिल है। इस नए प्रोजेक्ट के जुड़ने से Ceigall India की ऑर्डर बुक काफी मजबूत हुई है, जिससे भविष्य की कमाई का अनुमान बेहतर हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास के क्षेत्र में कंपनी की स्थिति और पुख्ता हुई है।
कंपनी के सामने रिस्क और गवर्नेंस के मुद्दे
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। Ceigall India का NHAI के साथ पुराना रिश्ता रहा है, लेकिन कंपनी पहले भी डिबार (banned) की जा चुकी है। जुलाई 2022 में जम्मू-कश्मीर में एक टनल ढहने की घटना के बाद कंपनी को तीन महीने के लिए बोली लगाने से रोका गया था। वहीं, दिसंबर 2022 में एक और मामले में एग्जीक्यूशन में फेल होने पर कंपनी पर ₹8.46 करोड़ का जुर्माना लगा था और छह महीने के लिए डिबार किया गया था। HAM प्रोजेक्ट्स का लंबा समय तक एग्जीक्यूशन कई तरह के जोखिमों के साथ आता है, जैसे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की चुनौतियां, लागत का बढ़ जाना और समय पर काम पूरा करना। इसके अलावा, साल 2026 की शुरुआत में कंपनी ने तीन कर्मचारियों द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग कोड के मामूली उल्लंघन की भी रिपोर्ट की थी, जिसके लिए छोटे जुर्माने लगे थे। यह गवर्नेंस पर निरंतर ध्यान देने की जरूरत को बताता है।
कॉम्पिटिटिव मार्केट में Ceigall India
Ceigall India जिस मार्केट में काम करती है, वहां Larsen & Toubro (L&T), Hindustan Construction Company (HCC) जैसी बड़ी इंफ्रा फर्मों के साथ-साथ Dilip Buildcon Ltd, PNC Infratech Ltd, और KNR Constructions जैसे स्पेशलिस्ट रोड बिल्डर्स से कड़ा मुकाबला है। ये सभी कंपनियां भी HAM मॉडल के तहत NHAI प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाती हैं। अक्सर वैल्यूएशन कम्पेरिजन के लिए PNC Infratech और KNR Constructions को देखा जाता है।
निवेशक क्या देखें?
निवेशकों को अब 18 महीने के निर्माण अवधि की आधिकारिक शुरुआत का इंतजार रहेगा। प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण माइलस्टोन, समय-सीमा का पालन, भविष्य की बोलियों को सुरक्षित करने की कंपनी की क्षमता और ऑर्डर बुक का विस्तार, ये सभी ग्रोथ के महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स होंगे। साथ ही, कंपनी की फाइनेंसियल रिपोर्ट्स में HAM प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू रिकॉग्निशन और कुल प्रॉफिटेबिलिटी पर भी नजर रखनी होगी।
