इनकम क्यों बढ़ी और असली दिक्कत क्या है?
C&C Constructions लिमिटेड ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जिसके मुताबिक कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम पिछले साल के मुकाबले 269.37% बढ़कर ₹33.57 करोड़ हो गई है। यह उछाल दिसंबर 2024 में कंपनी के M/s RK Constructions को 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के तौर पर बेचे जाने के बाद आया है।
लेकिन, इस रेवेन्यू ग्रोथ के पीछे एक बड़ी हकीकत छिपी है। कंपनी ने इसी अवधि में ₹28.80 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹24.63 करोड़ रही, जबकि ₹27.05 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
भारी-भरकम घाटा और ऑडिटर की चिंताएं
the sale happened, C&C Constructions was under liquidation proceedings, with a resolution plan previously approved by the National Company Law Tribunal (NCLT).
कंपनी की सबसे बड़ी चिंता उसका नेट वर्थ है, जो कि लगभग ₹2,100.60 करोड़ के निगेटिव में चल रहा है। इसके अलावा, स्टैंडअलोन करेंट बोरिंग्स (Current Borrowings) भी ₹1,878.13 करोड़ के भारी आंकड़े पर हैं।
ऑडिटर्स (Auditors) ने अपनी रिपोर्ट में यह भी साफ किया है कि वित्तीय स्टेटमेंट (Financial Statements) सीमित रिकॉर्ड्स के आधार पर तैयार किए गए हैं और लिक्विडेटर (Liquidator) से ऐतिहासिक डेटा का इंतजार है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी पर एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड एक्ट (Employee Provident Fund Act) के तहत लगभग ₹0.96 करोड़ के लीगल क्लेम्स (Legal Claims) भी बकाया हैं।
इसकी तुलना में, IRCON International, PNC Infratech, और HG Infra Engineering जैसे कंपीटिटर्स (Competitors) आमतौर पर मजबूत बैलेंस शीट के साथ काम कर रहे हैं और लिक्विडेशन प्रक्रिया से नहीं गुजर रहे हैं।
