CMS Info Systems की ग्रोथ स्ट्रेटेजी
यह एक्विजिशन (Acquisition) CMS Info Systems की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य इंडिया के कॉम्पिटिटिव कैश मैनेजमेंट और ATM आउटसोर्सिंग मार्केट में अपनी जगह और पक्की करना है। इस डील से CMS के ऑपरेशनल स्केल (Operational Scale) और सर्विस रेंज (Service Breadth) में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होगा।
FSS क्यों बेच रही है यह बिज़नेस?
वहीं, Financial Software and Systems (FSS) अपने ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित (Streamline) करने और अपने मुख्य पेमेंट टेक्नोलॉजी (Payment Technology) और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस पर फोकस करने के लिए यह बिज़नेस बेच रही है।
क्या होगा असर?
FSS के ATM मैनेजमेंट एसेट्स (Assets) और कस्टमर कॉन्ट्रैक्ट्स (Customer Contracts) को इंटीग्रेट (Integrate) करने के बाद CMS Info Systems की मार्केट में मौजूदगी और बढ़ेगी। इससे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) भी सुधरेगी और यह इंडिया के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर (Financial Transaction Infrastructure) में एक ज़रूरी प्लेयर के तौर पर स्थापित होगी।
डील की वैल्यूएशन और रिस्क
निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि डील की फाइनल वैल्यूएशन क्या होती है, क्योंकि परचेज़ कंसीडरेशन (Purchase Consideration) 'अप टू ₹115.00 करोड़' तक सीमित है। सबसे बड़ा फोकस FSS के बिज़नेस और कस्टमर रिलेशनशिप्स को CMS के मौजूदा फ्रेमवर्क में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करने पर रहेगा।
कॉम्पिटिशन में कौन?
CMS Info Systems जिस मार्केट में काम करती है, वहां कई बड़े प्लेयर्स पहले से मौजूद हैं। इसके मुख्य कॉम्पिटिटर्स (Competitors) में Hitachi Payment Services, AGS Transact Technologies, और Tata Communications Payment Solutions (TCPSL) जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो ATM डिप्लॉयमेंट, मैनेजमेंट और कैश लॉजिस्टिक्स (Cash Logistics) जैसी सर्विसेज देती हैं।
आगे क्या?
आगे चलकर इस डील का क्लोजर (Closure), नए एसेट्स और कॉन्ट्रैक्ट्स का इंटीग्रेशन प्लान, और मैनेजमेंट द्वारा बताए जाने वाले सिनर्जीज़ (Synergies) पर कंपनी की परफॉरमेंस (Performance) काफी हद तक निर्भर करेगी।