नतीजों में दोहरे अंकों की ग्रोथ
CIE Automotive India ने नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत जोरदार तरीके से की है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 20.82% बढ़कर ₹249.37 करोड़ दर्ज किया गया। इसके साथ ही, कंपनी की कुल आय में भी 14.36% का इजाफा हुआ और यह ₹2,640.27 करोड़ पर पहुंच गई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) की बात करें तो, कंपनी का कंसोलिडेटेड आय ₹9,507.73 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट ₹828.17 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन नतीजों पर नजर डालें तो, Q1 FY26 में कुल आय ₹1,441.65 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹233.73 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड, होगा मर्जर
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए ₹7.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी CIE Aluminium Casting India Limited के साथ मर्जर (Merger) को भी मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी के स्ट्रक्चरल एफिशिएंसी (Structural Efficiency) में सुधार और ओवरऑल कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है।
कंपनी की स्ट्रेटेजिक चालें
CIE Automotive India (जिसे पहले Mahindra CIE Automotive के नाम से जाना जाता था) ने पिछले साल अक्टूबर 2023 में अपने जर्मन फोर्जिंग बिजनेस की चार सब्सिडियरी को Mutares SE & CO को बेच दिया था। इस कदम का मकसद कम मार्जिन वाले बिजनेस से निकलकर ज्यादा रिटर्न वाले क्षेत्रों पर फोकस करना था। यह जर्मन बिजनेस कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) का लगभग 20% हिस्सा था। इससे पहले, कंपनी ने अप्रैल 2019 में Aurangabad Electricals Limited का अधिग्रहण करके एल्युमीनियम डाई-कास्टिंग बिजनेस में कदम रखा था।
कंपटीटिव लैंडस्केप
ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में CIE Automotive India का मुकाबला Samvardhana Motherson International Ltd, Sona BLW Precision Forgings Ltd, Endurance Technologies Ltd, और Bosch Ltd जैसी कंपनियों से है। ये सभी कंपनियां भी प्रमुख ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को सप्लाई करती हैं और इसी तरह के इंडस्ट्री डायनामिक्स का सामना करती हैं।
