CESC का ग्रीन एनर्जी पर जोर, 600 MW के नए पावर एग्रीमेंट
CESC Limited ने 16 अप्रैल 2026 को यह घोषणा करते हुए बताया कि कंपनी ने 600 MW की ग्रिड-कनेक्टेड विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये कॉन्ट्रैक्ट 25 साल की अवधि के लिए हैं और इनमें बिजली की दर ₹3.74 से ₹3.75 प्रति kWh तय की गई है। यह कदम CESC की रिन्यूएबल एनर्जी स्ट्रेटेजी (renewable energy strategy) में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
चार कंपनियों के साथ हुए हैं करार
CESC के ये नए एग्रीमेंट चार अलग-अलग कंपनियों के साथ हुए हैं। इनमें Vismaya Renewables India Project Private Limited (100 MW), Hexa Climate Solutions Private Limited (100 MW), Purvah Green Power Private Limited (300 MW), और Sprng Energy Private Limited (100 MW) शामिल हैं। खास बात यह है कि Purvah Green Power, CESC की ही एक सब्सिडियरी (subsidiary) है।
भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को मिलेगी रफ्तार
600 MW हाइब्रिड रिन्यूएबल कैपेसिटी (capacity) का यह नया जुड़ाव CESC के ग्रीन एनर्जी सोर्सिंग मिक्स (sourcing mix) को बढ़ाने के लक्ष्य को सीधे तौर पर सपोर्ट करता है। यह कदम भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन (clean energy transition) और एमिशन रिडक्शन (emissions reduction) के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। 25 साल के इन PPA से कंपनी को रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी (revenue visibility) मिलेगी और लागत में भी स्थिरता आएगी, जिससे CESC विभिन्न सेक्टर्स से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी की मांग को पूरा करने के लिए और मजबूत स्थिति में आ जाएगी।
CESC का रिन्यूएबल विज़न: FY29 तक 3.2 GW का लक्ष्य
RP-Sanjiv Goenka Group की फ्लैगशिप पावर यूटिलिटी (flagship power utility) CESC, अब अपने फोकस को रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ा रही है। कंपनी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है कि FY29 तक 3.2 GW हाइब्रिड रिन्यूएबल कैपेसिटी स्थापित की जाए, और भविष्य के लिए 10 GW का बड़ा विज़न (vision) भी है। CESC ने अपने रिन्यूएबल ग्रोथ इनिशिएटिव्स (growth initiatives) को गति देने के लिए नई पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरीज बनाई हैं। इससे पहले, CESC ने ₹3.81 प्रति kWh की दर पर 300 MW का एक विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट PPA हासिल किया था, जो इसकी लगातार रणनीति को दर्शाता है।
मार्केट में मजबूत पकड़ और भविष्य की राह
ये नए PPA CESC की रिन्यूएबल एनर्जी जनरेशन कैपेसिटी (generation capacity) को काफी हद तक बढ़ाएंगे, जिससे पारंपरिक थर्मल पावर (conventional thermal power) पर कंपनी की निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में CESC की मार्केट पोजीशन (market position) को और मजबूत करेगा और उसे अपने रिन्यूएबल कैपेसिटी टारगेट्स (capacity targets) को पूरा करने में मदद करेगा।
संभावित चुनौतियां और आगे क्या देखें?
हालांकि, इन बड़े हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के समय पर एग्जीक्यूशन (execution) और कमीशनिंग (commissioning) में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। CESC को वेस्ट बंगाल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (WBERC) से टैरिफ ऑर्डर (tariff orders) प्राप्त करने में पहले भी डिले (delays) का सामना करना पड़ा है, जो कॉस्ट रिकवरी (cost recovery) को प्रभावित कर सकता है। कंपनी ₹9.28 करोड़ के एक टैक्स डिटरमिनेशन ऑर्डर (tax determination order) को भी चुनौती दे रही है।
CESC की टोटल जनरेशन कैपेसिटी 2,140 MW (स्टैंडअलोन बेसिस, FY24) है। निवेशक इन 600 MW हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के कमीशनिंग की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। भविष्य में CESC की ओर से और रिन्यूएबल कैपेसिटी एडिशन (capacity additions) और PPA को लेकर घोषणाएं, साथ ही इन नई एसेट्स (assets) का ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर पड़ने वाला वित्तीय प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा।