क्रेडिट रेटिंग किसी भी कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य, कर्ज चुकाने की क्षमता और पूंजी बाजार तक उसकी पहुंच को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये सीधे तौर पर उधार लेने की लागत और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित करती हैं।
CCCL हाल के वर्षों में कुछ वित्तीय चुनौतियों से गुजरी है। कंपनी अप्रैल 2021 में NCLT के एक आदेश के बाद कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में थी। हालांकि, बाद में कंपनी के प्रमोटरों ने Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) की धारा 12A के तहत अपने कर्ज का भुगतान करके इस प्रक्रिया को समाप्त करवा दिया।
इससे पहले, ICRA और CAREEDGE दोनों ने CCCL को 'जारीकर्ता सहयोग नहीं कर रहा' (issuer not cooperating) की श्रेणी में रखा था, क्योंकि कंपनी आवश्यक जानकारी जमा करने में विफल रही थी। ICRA ने पहले ही अपनी रेटिंग वापस ले ली थी। CAREEDGE से CCCL का यह कदम उस रेटिंग एजेंसी के रुख से जुड़ा माना जा रहा है, जिसने प्रमोटर-led debt settlement को रेटिंग असाइन करते समय पर्याप्त महत्व नहीं दिया था। इस बीच, November 2025 में Infomerics ने CCCL की बैंक सुविधाओं के लिए रेटिंग देना शुरू किया, जिसमें IVR BB/Stable की रेटिंग शामिल है।
Financial Year 2025 के लिए CCCL ने ₹182.0 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 39% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, Profit After Tax (PAT) में 87% की भारी गिरावट आई, जो ₹87.5 करोड़ रहा। August 31, 2025 तक, कंपनी के पास ₹584.0 करोड़ का ऑर्डर बुक (Order Book) था, जो भविष्य में कमाई की अच्छी संभावनाओं की ओर इशारा करता है।
इस बदलाव के साथ, CCCL का क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ संपर्क अब मुख्य रूप से Infomerics और ICRA पर केंद्रित रहेगा, जिससे वित्तीय आकलन की निरंतरता बनी रहेगी। अतीत में 'जारीकर्ता सहयोग नहीं कर रहा' जैसी स्थितियां जानकारी साझा करने में संभावित चुनौतियों का संकेत देती हैं, लेकिन नए और स्थापित रेटिंग भागीदारों के साथ CCCL का जुड़ाव इस समस्या को दूर करने का प्रयास है।
