रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में Brahmaputra Infrastructure की धाक
Brahmaputra Infrastructure Limited ने घोषणा की है कि उनके जॉइंट वेंचर NCDC-Brahmaputra JV को नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे की ओर से ₹81.98 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट सौंपा गया है। इस प्रोजेक्ट में स्टाफ क्वार्टर्स का निर्माण और उससे जुड़े अन्य काम शामिल होंगे, जिन्हें अगले 18 महीनों में पूरा किया जाना है।
यह नया कॉन्ट्रैक्ट Brahmaputra Infrastructure के लिए एक बड़ी राहत है और इससे कंपनी की ऑर्डर बुक में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू की विज़िबिलिटी (visibility) और बढ़ गई है। साथ ही, पूर्वोत्तर भारत में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की कंपनी की काबिलियत और भी मज़बूत हुई है। इस प्रोजेक्ट के लिए जॉइंट वेंचर मॉडल का इस्तेमाल, कंपनी की कॉम्पिटिटिव बिडिंग (competitive bidding) की रणनीति को भी दर्शाता है।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और वित्तीय प्रदर्शन
Brahmaputra Infrastructure एक जानी-मानी EPC कंपनी है, जिसका अनुभव ब्रिजेज़, हाइवेज़ और बिल्डिंग्स बनाने में रहा है। हाल ही में, कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक को बढ़ाने पर ज़ोर दिया है। फरवरी 2026 में मिले ₹397 करोड़ के हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट (JV) ने कंपनी की कुल ऑर्डर बुक को ₹1,500 करोड़ से ऊपर पहुंचा दिया था। इससे पहले जनवरी 2026 में, कंपनी ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे से ही ₹46.62 करोड़ का रोड ओवर ब्रिज बनाने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। इसके अलावा, असम में नदी तट संरक्षण (riverbank protection) के कामों के लिए ₹62.03 करोड़ और ₹68.91 करोड़ के प्रोजेक्ट्स भी कंपनी के नाम रहे हैं।
वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में Brahmaputra Infrastructure का नेट प्रॉफिट (net profit) पिछले साल के मुकाबले 4,625% बढ़कर ₹15.12 करोड़ हो गया था। वहीं, इसी तिमाही में नेट सेल्स (net sales) 212% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹91.98 करोड़ दर्ज की गई थी।
निवेशकों की नज़रें
निवेशक अब कंपनी की ओर से औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड और काम शुरू होने की पुष्टि का इंतज़ार करेंगे। स्टाफ क्वार्टर निर्माण की प्रगति पर अपडेट्स खास तौर पर देखे जाएंगे। मैनेजमेंट की ओर से कुल ऑर्डर बुक की स्थिति और भविष्य की बिडिंग पाइपलाइन (bidding pipeline) पर दी जाने वाली जानकारी पर भी बाज़ार की पैनी नज़र रहेगी, साथ ही कंपनी की रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आगे भी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
