जर्मन यूनिट के भारी राइट-ऑफ के बावजूद FY26 में कंपनी का जबरदस्त प्रदर्शन
Borosil Renewables ने एक बड़ी वित्तीय मजबूती दिखाते हुए फिस्कल ईयर 2026 (FY26) में ₹127.40 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Consolidated Profit) कमाया है। यह कंपनी के लिए पिछले साल के नुकसान के बाद एक अहम वापसी है। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) ₹1,580.77 करोड़ रहा।
जर्मनी की GMB और Geosphere के इंसॉल्वेंसी का बड़ा असर
कंपनी के इस मजबूत नतीजे के पीछे एक बड़ी चुनौती थी – उसकी जर्मन स्टेप-डाउन सब्सिडियरीज GMB और Geosphere का इंसॉल्वेंसी (Insolvency)। इस वजह से कंपनी को ₹213.41 करोड़ का एक बड़ा राइट-ऑफ (Write-off) दर्ज करना पड़ा, जिसे FY26 में एक एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) के तौर पर दिखाया गया है। इन दोनों यूनिट्स को अब कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट से डीकंसॉलिडेट (Deconsolidated) कर दिया गया है।
कर्ज में कमी और मजबूत बैलेंस शीट
राइट-ऑफ के इस झटके के बावजूद, Borosil Renewables ने अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत किया है। FY26 में कंसोलिडेटेड नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current Borrowings) में ₹67.97 करोड़ की कमी आई है, जो पिछले साल के ₹161.21 करोड़ से घटकर ₹93.24 करोड़ रह गई हैं।
भारत में सोलर ग्लास की राह आसान
जर्मन ऑपरेशंस से जुड़े राइट-ऑफ और डीकंसॉलिडेशन के बाद, Borosil Renewables अब पूरी तरह से अपने घरेलू कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। भारत का सोलर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी इस मौके का पूरा फायदा उठाने की स्थिति में है।
मार्केट में इकलौती बड़ी प्लेयर
Borosil Renewables भारत में सोलर फोटोवोल्टेइक ग्लास (Solar Photovoltaic Glass) बनाने वाली एकमात्र बड़ी कंपनी है। यह सोलर पैनल का एक अहम कंपोनेंट है और देश की बढ़ती सौर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, वैश्विक सोलर ग्लास मार्केट में चीनी कंपनियों का दबदबा है, जिससे कॉम्पिटिशन कड़ा बना हुआ है।
